विदेशी श्रद्धालु भी हुए शिकार
चोर गिरोह की ओर से शिकार बनाए गए लोगों में देश के ही नहीं बल्कि विदेश से आने वाले श्रद्धालु पयर्टक भी रहे। ओमान से आईं दीप्ति वापोद्रा का पर्स 13 जनवरी को संगम घाट पर चोरी हो गया। जिसमें उनका मस्कट का आईडी कार्ड व आधार भी रखा था।
इसी तरह 14 जनवरी को यूएसए से आए पॉल माइकल बुचानन का बैग अरैल में चोरी हो गया। इसमें 1700 यूएस डॉलर, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, पासपोर्ट, लेंस के साथ ही डीएसएलआर कैमरा भी रखा था। अरैल घाट पर ही 29 जनवरी को रूस से आए कुर्सिन निकोले का पासपोर्ट, कपड़े व नकदी भरा बैग चोरी कर लिया गया।
मेला एसपी क्राइम चिरंजीव मुखर्जी ने बताया कि बहुत से मोबाइल बरामद कर संबंधित लोगों को वापस किए गए हैं। चोरी के बाद फोन स्विच ऑफ कर दिए जाते हैं। जैसे ही यह ऑन होते हैं, लोकेशन ट्रेस कर इन्हें रिकवर किया जाता है। पुलिस लगातार इस संबंध में काम कर रही है।