दक्षिण पूर्व एशिया के देश थाईलैंड, लाओस और कंबोडिया के साइबर अपराधियों को म्यूल खाते उपलब्ध कराने वाले विपिन मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं। पता चला है कि गैंग का मुख्य सरगना राज मिश्रा है। साइबर पुलिस की टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका है। पुलिस को आशंका है कि उसके पास 100 से अधिक म्यूल खाते हैं।
साइबर पुलिस ने 16 मार्च को कौंधियारा निवासी विपिन मिश्रा और राज मिश्रा पर एफआईआर दर्ज की थी। आरोपी अपने गांव समेत आसपास के कई लोगों को लालच देकर उनके खाते खुलवाते थे और फिर इन खातों की यूजर आईडी व पासवर्ड को थाईलैंड, लाओस व कंबोडिया जैसे देशों से चल रहे साइबर ठगी रैकेट को उपलब्ध कराते थे।
अब तक की जांच में कौंधियारा क्षेत्र में दो म्यूल खातों के बारे में पता चला है। ये खाते विपिन और राज ऑपरेट करते थे। दोनों ही खातों को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर चेक किया गया तो पता चला कि एक खाते से सात राज्य कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, हरियाणा आदि से करीब नौ लाख रुपये की ठगी हुई।
वहीं, दूसरे खाते को लेकर पांच शिकायतें की गई हैं, इसके जरिये 4.92 लाख रुपये की ठगी की गई है। साइबर पुलिस को आशंका है कि राज ने भोले-भाले लोगों के नाम से 100 से अधिक म्यूल खाते खुलवाकर विदेशों में बैठे आकाओं को उपलब्ध करवाए हैं।