विशिष्ट अतिथि न्यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह ने अपने समय को याद करते हुए 1980 के दशक में महाविद्यालय की परिस्थितियों पर बात की और छात्र एवं महाविद्यालय के विकास में स्पोर्ट्स की भूमिका को रेखांकित किया। इविवि के संस्कृत विभाग में प्रोफेसर रहे राम किशोर शास्त्री ने कहा कि वह आज जो कुछ भी हैं, उसका पूरा श्रेय महाविद्यालय को जाता है।
सीएमपी के पूर्व प्राचार्य डॉ. प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव, इविवि के प्रो. रविंद्र धर, प्रो. प्रकाश सिन्हा, प्रो. संदीप मल्होत्रा, कवि श्लेष गौतम, वरिष्ठ पत्रकार इंद्र कांत मिश्र ने भी स्मृतियों को साझा किया। अध्यक्षता कर रहे केपी ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. सुशील सिन्हा ने महाविद्यालय की उन्नति में सभी को सहभागी बनने का आह्वान किया। स्वागत प्राचार्य प्रो. अजय प्रकाश खरे, संचालन डॉ. ऋतु रघुवंशी एवं धन्यवाद ज्ञापन राजेंद्र श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. विशाल श्रीवास्तव एवं डॉ. रमेश भारती का विशेष योगदान रहा।
कॉलेज में पुरा छात्र गैलरी का किया गया उद्घाटन,पुरा छात्र सम्मानित
सम्मेलन में शामिल पुरा छात्र न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता, प्रो. केके भूटानी, विद्या भूषण और इंद्रकांत मिश्र समेत कई पुराछात्रों को प्राचार्य की ओर से स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही महाविद्यालय की ओर से पुरा छात्रों से जुड़ीं स्मृतियों को सहेजने के लिए पुरा छात्र गैलरी का उद्घाटन किया गया। सम्मेलन में 1956 से लेकर हाल के वर्ष तक के पुरा छात्र शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि सीएमपी महाविद्यालय की स्थापना सन 1950 में हुई थी और महाविद्यालय सत्र 2024-2025 को हीरक जयंती के रूप में मना रहा है।