रिक्त पदों पर भर्ती की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने कई बार आयोग में धरना-प्रदर्शन किया और ज्ञापन भी सौंपा। हर बार अभ्यर्थियों को बताया गया कि समकक्ष अर्हता स्पष्ट किए जाने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। शासन स्तर से स्थिति स्पष्ट होते ही एलटी ग्रेड शिक्षक और प्रवक्ता के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती का पिछला विज्ञापन मार्च 2018 में जारी किया गया था। पांच साल बीत गए हैं, लेकिन नई भर्ती शुरू नहीं की जा सकी। वहीं, प्रवक्ता के पदों पर भी भर्ती का लंबे समय से इंतजार है। सूत्रों का कहना है कि राजकीय इंटर कॉलेजों में शिक्षकों के पदों पर भर्ती यूपीपीएससी ही कराएगा। ऐसे में सिर्फ शासन स्तर पर लेटलतीफी के कारण भर्ती फंसी हुई है।
इसके अलावा राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य के 2373 पद स्वीकृत है और इनमें से 1038 पद खाली पड़े हैं। इन पदों पर पीसीएस परीक्षा के माध्यम से भर्ती की जाती है। पीसीसी परीक्षा का आयोजन हर साल किया जाता है, लेकिन बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं। सूत्रों का कहना है कि विभाग की ओर से रिक्त पदों का अधियाचन न भेजे जाने के कारण लगभग 44 फीसदी पर खाली पड़े हैं। प्रतियोगी छात्र मोर्चा के अध्यक्ष विक्की खान का कहना है कि यूपी में पद रिक्त होने के बावजूद भर्ती शुरू नहीं की जा रही। ऐसे में यूपी के अभ्यर्थियों को शिक्षक भर्ती के लिए बिहार एवं अन्य राज्यों का रुख करना पड़ रह है। मोर्चा के अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वह इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करें और भर्तियां शुरू कराएं।