लॉकडाउन के दोरान बैंकिंग कारोबार एक चौथाई रह गया है। इसमें भी ज्यादा संख्या रकम निकालने वाले खाताधारकों की है। हालांकि, गौर करने वाली बात यह भी है कि इस दौरान रोजाना लेनदेन करने वाले खाताधारकों की संख्या में डेढ़ गुना तक की बढ़ोतरी हुई है। इस विरोधाभास के पीछे जरूरतमंदों के लिए शुरू विभिन्न योजनाओं को कारण बताया जा रहा है।
सामान्य दिनें में रोजाना 200 करोड़ रुपये का बैंकिंग कारोबार होता रहा है, लेकिन लॉकडाउन के दौरान अब यह घटकर 50 करोड़ रुपये रह गया है। इसमें शाखाओं के अलावा एटीएम तथा ग्राहक सेवा केंद्र आदि सभी माध्यमों से हुए लेनदेन शामिल हैं। यह आंकड़ा भी विगत एक सप्ताह के दौरान का है। चूंकि इनमें भी ज्यादातर लोग पैसा निकालने के लिए शाखाओं में पहुंचे, ऐसे में माना जा रहा है कि दूसरे पखवारे में लेनदेन और कम होगा।
एटीएम, ग्राहक सेवा केंद्र पर बढ़ा दबाव
जिले में अलग-अलग बैंकों की कुल 517 शाखाएं हैं। इनमें शुक्रवार को करीब 50 हजार लोगों ने लेनदेन किया। सामान्य दिनों की तुलना में यह संख्या काफी कम है। अफसरों का कहना है कि इन दिनों बैंक में सिर्फ कैश जमा और निकासी का काम हो रहा है। अन्य काम करीब बंद हैं। इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग का भी दबाव है। इसके विपरीत एटीएम तथा ग्राहक सेवा केंद्र पर दबाव बढ़ गया है। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक ओएन सिंह ने बताया कि शुक्रवार को करीब 37 हजार लोगों ने एटीएम का उपयोग किया, जबकि सामान्य दिनों में रोजाना 22 से 25 हजार हिट होते रहे हैं। इसी तरह से नौ सौ से अधिक ग्राहक सेवा केंद्रों पर भी 50 हजार लोग गए। इन लोगों ने 11 करोड़ रुपये का लेनदेन किया। इनमें ज्यादातर जनधन तथा विभिन्न योजनाओं के खाताधारक थे, जो पैसा निकालने के लिए पहुंचे थे। पहले यह संख्या 10 हजार से भी कम हुआ करती थी।
शुक्रवार को हुए ट्रांजेक्शन
माध्यम लेनदेन की संख्या राशि (लगभग)
बैंक शाखा 50 हजार 26-30 करोड़
एटीएम 35-37 हजार 13 करोड़
ग्राहक सेवा केंद्र 50 हजार 11 करोड़