आधार कार्ड से अपने बैंक खाते लिंक कराने वाले उपभोक्ताओं को अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो आधार कार्ड से लिंक बैंक खातों तक पहुंचकर रुपये उड़ा देता था। पुलिस ने गिरोह के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, फिंगर डिवाइस, सेलिंग बुक एवं एक रजिस्टर बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक दर्जनों लोगों को अब तक इन शातिरों ने अपना निशाना बनाया है।
एसएसपी अतुल शर्मा ने बताया कि अजय कुमार चौधरी एवं जय सिंह मौर्या निवासी कौंधियारा पहले गांव में ही खुले ग्राहक सेवा केंद्र में काम करते थे। इस नाते दोनों को फिंगर प्रिंट एवं दूसरे तकनीकी पहलूओं के बारे में अच्छी जानकारी हो गई थी। कुछ समय बाद दोनों ने ग्राहक सेवा केंद्र में नौकरी छोड़ दी और खुद को एक कंपनी का कर्मचारी बताते हुए बिजली के बिल के बहाने लोगों के घरों तक जाने लगे। वहां पहुंचकर दोनों लोगों से बिजली बिल के नाम पर आधार नंबर पूछते ओर अपने मोबाइल में डालकर बायोमैट्रिक कनेक्शन के जरिए उनका अंगूठा लगवा लेते।
ग्राहक सेवा केंद्र में काम करने के नाते इनको बैंक के बारे में भी अच्छी जानकारी थी। इसका फायदा उठाते हुए आधार लिंक के जरिए यह ग्राहकों के खाते तक सेंध लगा लेते और खाते से रुपये ट्रांसफर कर लेते। इलाके में घूम-घूमकर इन दोनों ने कई लोगों को अपना निशाना बनाया। कौंधियारा पुलिस तब जब शिकायत पहुंची तब उसने जांच-पड़ताल शुरू की। रविवार को पुलिस ने इन दोनों को जारी करछना मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी के मुताबिक पूछताछ के दौरान इन लोगों ने कई लाख रुपये की हेरफेर करने की बात मानी है।