गुड़ खरीदने से पहले उसे अच्छी तरह से परख लें। हो सकता है उसमें आटा मिला हो। कच्चे आटे की मिलावट गुड़ की मिठास कम करने के साथ सेहत के लिए भी हानिकारक साबित हो सकती है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को सराय इनायत स्थित एक फर्म में छापा मारकर गुड़ में मिलावट का मामला पकड़ा और बड़ी मात्रा में गुड़ सीज कर दिया। खाद्य लाइसेंस न दिखा पाने और वहां गंदगी मिलने पर संबंधित फर्म को नोटिस भी जारी किया गया।
विभागीय टीम ने जैसे ही ‘श्रीनाथ हुबलाल’ नाम की इस फर्म पर छापा मारा, वहां हड़कंप मचा गया। मौके पर गुड़ में आटा की मिलावट करते लोग रंगे हाथ पकड़े गए। फर्म में रखा तकरीबन 90 क्विंटल गुड़ सीज कर दिया गया। गुड़ का नमूना लेकर जांच के लिए लैब में भेज दिया गया। विभागीय टीम ने वहां मौजूद सुनील कुमार नाम के व्यक्ति से खाद्य लाइसेंस दिखाने का कहा लेकिन वह लाइसेंस नहीं दिखा सका। वहां काफी गंदगी भी फैली हुई थी। फर्म को नोटिस जारी कर दिया गया। विभाग के अभिहित अधिकारी हरिमोहन श्रीवास्तव ने बताया कि फर्म में लमीखपुर खीरी से बड़े आकार में जमाया गया गुड़ मंगाकर फिर उन्हें तोड़कर छोटा आकार दिया जाता है।
इसी प्रक्रिया में पूरा खेल हो रहा था। गुड़ की छोटी भेली बनाते वक्त उसमें आटा की मिलावट की जा रही थी। नमूने की जांच रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। इसके अलाव विभागी टीम ने सहसों में सतीश कुमार की दुकान से शहद और एक वाहन पर लदे सरसों तेल का नमूना लिया। इसके अलावा टीम की ओर से दो टंकियों में तकरीबन 2200 लीटर मिश्रित दूध ले जाते हुए पकड़ा गया। दूध के दो नमूने जांच के लिए भेजे गए। मिलावट की आशंका में दूध नष्ट करा दिया गया। इस दौरान खाद्य लाइसेंस भी नहीं दिखाया जा सका।