इलाहाबाद ब्यूरो। बारिश और मौसम के बदले मिजाज के चलते वायरल बुखार के साथ ही आंखों की गंभीर संक्रामक बीमारी वायरल कंजेक्टिवाइटिस खतरा बढ़ गया है। बीमारी की गिरफ्त में आए सैकड़ों बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग क्षेत्रीय नेत्र संस्थान के अलावा बेली, काल्विन, एसआरएन में इलाज करा रहे हैं। सबसे अधिक दिक्कत उन स्कूली बच्चाें की है जिनका स्कूल जाना बंद हो गया है। नेत्ररोग विशेषज्ञों का कहना है कि चूंकि यह बीमारी संक्रमण से होती है ऐसे में यदि परिवार में किसी सदस्य को हो जाय तो विशेष एहतियात बरतकर वायरल कंजेक्टिवाइटिस से बचा जा सका है।
आखिर क्या हैं बीमारी के लक्षण
क्षेत्रीय नेत्र संस्थान के विशेषज्ञ डॉ. अरविंद सिंह के मुताबिक वायरल कंजेक्टिवाइटिस के चलते आंखें लाल हो जाती है। आंखों में गंभीर चुभन होती है। आंखों से लगातार पानी बहता है। धूप में निकलने पर आंखें चकाचौंध हो जाती है। आंखों में लगातार खुजली होती है। ये वायरल कंजेक्टिवाइटिस के कुछ लक्षण है।
कैसे करें बचाव :
00 वायरल कंजेक्टिवाइटिस होने पर तत्काल कुशल विशेषज्ञ को दिखाएं ।
00 बगैर विशेषज्ञ की सलाह के कोई दवा न डाले, विपरीत असर पड़ सकता है।
00 यदि घर में किसी को वायरल कंजेक्टिवाइटिस हो जाय तो उसकी तौलिया आदि अलग कर दें।
00 आंखाें को सामान्य पानी के बजाए एक्वागार्ड के पानी से धोएं।
00 वायरल कंजेक्टिवाइटिस होने पर एस्टरायडयुक्त दवा कतई न डालें।
संस्थान में वायरल कंजक्टीवाइटिस के मरीजाें की संख्या बढ़ी है। बीमारियों के मद्देनजर पर्याप्त मात्रा में दवाइयां मंगायी गई है। वर्तमान में जो तापमान है इसके वायरस तेजी से पनपते हैं ऐसे में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। कुछ एहतियात बरतकर बीमारियों से बचा जा सकता है।
00 डॉ. एसपी सिंह, निदेशक, क्षेत्रीय नेत्र संस्थान