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Mahakumbh : आंखों में आंसू भरकर मॉडल हर्षा ने कुंभ नगरी छोड़ा, अखाड़ों के साथ स्नान के बाद छिड़ा था विवाद

Fri, 17 Jan 2025 05:53 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

झांसी के मऊरानीपुर निवासी मॉडल एवं यूट्यबर हर्षा रिछारिया ने विवाद बढ़ने के बाद आखिरकार कुंभनगरी को विदा कह दिया। आंसू से भरी आंखों के साथ हर्षा ने कुंभ नगरी छोड़ने से पहले एक वीडियो भी इंस्टाग्राम पर जारी किया।
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हर्षा रिछारिया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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झांसी के मऊरानीपुर निवासी मॉडल एवं यूट्यबर हर्षा रिछारिया ने विवाद बढ़ने के बाद आखिरकार कुंभनगरी को विदा कह दिया। आंसू से भरी आंखों के साथ हर्षा ने कुंभ नगरी छोड़ने से पहले एक वीडियो भी इंस्टाग्राम पर जारी किया। इसमें उन्होंने कुंभनगरी छोड़ने के पीछे स्वामी आनंद स्वरूप को जिम्मेदार ठहराया। 

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हर्षा मूल रूप से यूट्यूबर हैं। उनका जन्म भी झांसी के मऊरानीपुर में हुआ। बाद में उनका परिवार भोपाल चला गया। हर्षा अब उत्तराखंड में रहती हैं। हर्षा ने निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि से गुरू दीक्षा ली थी। मकर संक्रांति पर्व पर अखाड़ों के अमृत स्नान के दौरान हर्षा ने भगवा वस्त्र पहनकर गंगा में डुबकी लगाई। इसके बाद से महाकुंभनगरी में विवाद छिड़ गया। ज्योतिष पीठ पीठाधीश्वर एवं शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरनंद ने इसकी निंदा करते हुए इसे सनातन धर्म का अपमान बताया। उनके साथ ही शांभवी पीठाधीश्वर आनंद स्वरूप ने भी मोर्चा खोल दिया।

उन्होंने मॉडल हर्षा के भगवा वस्त्र पहनकर स्नान करने को त्याग की परंपरा को भोग की परंपरा में तब्दील होना ठहराया। संतों के विरोध की वजह से मीडिया में भी मामले ने तूल पकड़ लिया। बृहस्पतिवार रात इन बातों पर दुख जताते हुए हर्षा ने कुंभ नगरी को छोड़ने का एलान कर दिया।

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उन्होंने एक वीडियो के जरिये कहा कि एक युवा के नाते वह यहां सनातन धर्म को करीब से समझने आईं थीं लेकिन, वह अपने गुरु को अपमानित होते नहीं देख सकतीं। इस वजह से वह समय से पहले ही कुंभनगरी को छोड़कर यहां से जा रही हैं। उधर, आचार्य महमंडलेश्वर स्वामी स्वामी कैलाशानंद गिरि ने इस पूरे विवाद को गैरजरूरी ठहराया। उनका कहना है कि जिस तरह से उनके अन्य अनुयायियों ने स्नान किया, उसी तरह उसने भी स्नान किया था। उसे साध्वी की कोई दीक्षा नहीं दी गई है।
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