मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में एयरो स्पेस में भी बीटेक की पढ़ाई होगी। इसके लिए बृहस्पतिवार को अमेरिका की टेक्सास ऑस्टिन यूनिवर्सिटी के साथ समझौता होगा। समझौता टेक्सास ऑस्टिन यूनिवर्सिटी में होगा। जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अगले सत्र से ही दाखिला लिए जाने की तैयारी की गई है।
एयरो स्पेस में बीटेक की पढ़ाई आईआईटी कानपुर, खड़गपुर समेत कुछ चुनिंदा संस्थानों में होती है। इसके विपरीत आत्म निर्भर भारत की तरफ बढ़ते कदम के बीच एयरो स्पेस टेक्नोलॉजी में विशेषज्ञों की मांग तेजी से बढ़ी है। इस जरूरत को देखते हुए एमएनएनआईटी में भी बीटेक की पढ़ाई शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
इसके प्रस्ताव को शैक्षणिक परिषद की अनुमति मिल गई है। अमेरिका की यूनिवर्सिटी के साथ समझौता होने के बाद इसे संस्थान के बोर्ड ऑफ गवनर्स (बीओजी) में रखा जाएगा। कुलसचिव डॉ.अंबक राय ने बताया कि बीओजी की अनुमति के बाद अन्य प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद आगामी सत्र से बीटेक एयरो स्पेस में दाखिला लिए जाने की योजना है।
फाइटर जेट, ड्रोन के क्षेत्र में हैं संभावनाएं
आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत फाइटर जेट, ड्रोन आदि अपने ही देश में बनाए जाने का निर्णय लिया गया है। इसकी शुरुआत भी हो गई है। ऐसे में इनके उत्पादन के साथ नई टेक्नोलॉजी विकसित करने के लिए भी विशेषज्ञों की हर स्तर पर मांग बढ़ी है। भविष्य में इनकी और मांग बढ़ने की बात कही जा रही है। यानि, एयरो स्पेस से बीटेक तथा उच्च शिक्षा हासिल करने वालों को हर दृष्टि से सम्मानजनक रोजगार का भी खुला आसमान मिलेगा।