अक्षयवट मार्ग की भार क्षमता की जांच एमएनएनआईटी को
स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग विभाग की एक्सपर्ट टीम ने किले में लिए मिट्टी के नमूने
बारिश के पानी से कई जगह धंस गया है मूल अक्षयवट मार्ग
प्रयागराज। मूल अक्षयवट को खोलने से पहले अकबर के किले की दीवारों व परिसर की मिट्टी की जांच कराई जाएगी। यह जिम्मेदारी एमएनएनआई को सौंपी गई है। एमएनएनआईटी के एक्सपर्ट इस बात का पता लगाएंगे कि मूल अक्षयवट के रास्ते पर एक साथ कितने श्रद्धालु चल सकेंगे। इस रिपोर्ट के आधार पर ही अक्षयवट को खोलने का निर्णय लिया जाएगा।
एमएनएनआईटी के स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग विभाग की विशेषज्ञों की टीम रविवार को किले में पहुंची। स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो रमाशंकर यादव के नेतृत्व में टीम ने मूल अक्षयवट मार्ग से मिट्टी के नमूने संग्रहीत किए। अब इस मिट्टी की जांच कर एमएनएनआईटी अपनी रिपोर्ट जारी करेगा। इसके साथ ही किले के रास्तों से झाड़ियों की सफाई कराकर सेना व प्रशासन की संयुक्त टीम भी मूल अक्षयवट तक आने-जाने वाले रास्ते की स्थिति का निरीक्षण करेगी। कहा जा रहा है कि चार महीने से बंद मूल अक्षयवट में बारिश के दौरान पानी भरने से कई जगह रास्ता धंस गया है। सिल्वर की मैटिंग भी बारिश के दौरान हटा ली गई थी। इस वजह से भी रास्ता कई जगह क्षतिग्रस्त हो गया है। टीम की रिपोर्ट के बाद अक्षयवट मार्ग के भार वहन क्षमता का भी आकलन किया जाएगा। इसके बाद क्षतिग्रस्त रास्ते की मरम्मत और अवस्थापना सुविधाओं को दुरुस्त करने के बाद ही अक्षयवट खोलने के बारे में विचार किया जाएगा।