मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के द्वितीय वर्ष के छात्रों ने एक ऐसी साइकिल तैयार की है जिसमें न तो पहिये के बीच में हब है और न ही तीली।
मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के द्वितीय वर्ष के छात्रों ने एक ऐसी साइकिल तैयार की है जिसमें न तो पहिये के बीच में हब है और न ही तीली। साइकिल हबलेस तकनीक पर आधारित है। साइकिल रिम ड्रिवन कंपाउंड गियर ट्रेन मैकेनिज्म के माध्यम से चलाई जाएगी। छात्रों ने सामान्य पहियों को हटाकर हबलेस पहियों का डिजिटल प्रोटोटाइप तैयार किया है जिसमें रिम ड्रिवन कंपाउंड गियर ट्रेन मैकेनिज्म के माध्यम से सीधे पहिये को शक्ति पहुंचती है। इससे साइकिल तकनीकी रूप से उन्नत बनती है।
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हबलेस साइकिल का टूडी स्केच और थ्रीडी मॉडल तैयार हो गया है। साइकिल का वजन कम करने के लिए एल्युमिनियम फ्रेम का इस्तेमाल किया जाएगा जिससे इसका वजन लगभग 23 किलोग्राम हो जाएगा। ऐन्सिस सिमुलेशन सॉफ्टवेयर के माध्यम से साइकिल के कस्टम गियर और उच्च गुणवत्ता वाले बेयरिंग को तैयार किया गया है। साइकिल की अधिकतम स्पीड 23–24 किलोमीटर प्रति घंटा है।
प्रो. केएन पांडेय और डॉ. जितेंद्र एन गंगवार का कहना है कि भविष्य में इस साइकिल में कार्बन फाइबर और सस्पेंशन सिस्टम का उपयोग किए जाने के साथ इसे इलेक्ट्रिक साइकिल में बदलने की संभावनाएं भी तलाशी जा सकती हैं। शोध टीम में दिवाकर पासवान, कात्यायनी कुमारी, मोहम्मद अयान असलम, प्रांजल अस्थाना, रुद्र त्रिपाठी, सौमित्र राज त्रिवेदी, सुयश रंजन और उमेश ओमप्रकाश गुप्ता शामिल हैं।