कमरे बेहद छोटे
पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए जो हॉस्टल उपलब्ध कराए गए हैं, उनके कमरे काफी छोटे हैं। इनमें एक व्यक्ति का रहना मुश्किल है। वहीं, मेडिकल कॉलेज प्रशासन आए दिन एक कमरे में दो रेजिडेंट डॉक्टरों के रहने का दबाव बनाता है। डॉक्टराें ने मेडिकल कॉलेज के इस निर्देश को मानने से इन्कार कर दिया है।
प्रदेश सरकार का नियम सभी मेडिकल कॉलेजों के लिए एक समान होता है। जब आगरा और लखनऊ सहित सभी मेडिकल कॉलेजों में एचआरएन का लाभ मिल सकता है तो यहां पर क्यों नहीं। - डॉ.सचिन कुमार, अध्यक्ष, रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन
जिन पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों को हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध है, उन्हें एचआरए देने पर रोक लगाई थी। हमारे यहां डॉक्टरों के सापेक्ष कमरे उपलब्ध नहीं हैं। इस वजह से जल्द एचआरए की सुविधा रेजिडेंट डॉक्टरों को दी जाएगी। - डॉ.वत्सला मिश्रा, प्राचार्य, एमएलएन मेडिकल कॉलेज