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Prayagraj : छह महीने में भी अपने घर की टूटी सड़क नहीं बनवा सके विधायक सिद्धार्थनाथ

Fri, 16 Sep 2022 09:57 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

क्लाइव रोड इस स्मार्ट सिटी के दिल से होकर गुजरती है। इसी सड़क पर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री का बंगला है। हालत यह है कि इस बंगले में प्रवेश करने के लिए मुड़ते ही अफसरों, नेताओं और जनप्रतिनिधियों को आधा मीटर से भी अधिक बड़े गड्ढे को पार करना होता है।
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Prayagraj News : विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह के घर तक जाने वाली सड़क क्षतिग्रस्त। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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शहर की वीआईपी मानी जाने वाली सड़कों के जख्म भरने की बजाए हर रोज गहरे होते जा रहे हैं। ठोकरें खाकर गिरने से लेकर हिचकोलों खाती कारों की छतों से सिर टकराने तक, सभी के लिए ये गड्ढे दुखदायी बन गए हैं। क्लाइव रोड का ऐसा ही हाल है। यह वह सड़क है, जिस पर महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) कार्यालय, संयुक्त शिक्षा निदेशक, माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव के बंगले के अलावा पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और शहर पश्चिम के विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह का भी घर है, लेकिन धंसे मैनहोल और जगह-जगह 78 गड्ढे मुसीबत का सबब बन गए हैं। 

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क्लाइव रोड इस स्मार्ट सिटी के दिल से होकर गुजरती है। इसी सड़क पर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री का बंगला है। हालत यह है कि इस बंगले में प्रवेश करने के लिए मुड़ते ही अफसरों, नेताओं और जनप्रतिनिधियों को आधा मीटर से भी अधिक बड़े गड्ढे को पार करना होता है। पहले तो इसका आकार छोटा था, लेकिन करीब छह महीने से यह गड्डा इस मोड़ पर नासूर बन चुका है। यहां से महज 10 फर्लांग आगे बढ़ते ही माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिव्यकांत शुक्ल के बंगले वाले मोड़ पर तो यह सड़क खंदक में तब्दील हो चुकी है। 

Prayagraj News : राजापुर में अशोकनगर की ओर जाने वाली सड़क क्षतिग्रस्त। - फोटो : अमर उजाला।
इसी सड़क से होकर हर रोज सैकड़ों छात्र-छात्राओं को रानी रेवती देवी इंटर कॉलेज जाना पड़ता है। अफसरों और उनके परिजनों के अलावा अन्य राहगीरों को भी इस मुसीबत को महीनों से पार करना पड़ रहा है। इससे चंद कदम आगे बढ़ने पर हनुमान मंदिर से पहले एक ही जगह पर 25 से अधिक छोटे -बड़े गड्ढे लोगों को मुंह चिढ़ा रहे हैं। यहां से चुन्नीलाल मार्ग पर मुड़ते ही जगह-जगह गड्ढे वाहनों के दबाव से बड़े होते जा रहे हैं।

Prayagraj News : सिविल लाइंस में लोहिया मार्ग पर मेनहोल का गड्ढा दुर्घटना का सबब बन रहा है। - फोटो : अमर उजाला।
सर्कुलर रोड तिराहे पर वर्ष भर से टूटी सड़क के गड्ढे इस बार दधिकांदो के मेले के दौरान नागरिकों की गुहार पर भी नहीं भरे जा सके। यहां कुछ गड्ढों में मिट्टी डालकर छोड़ दी गई थी, जो बारिश की बौछारें भी नहीं झेल सकी और बह गई। इसी से जुड़े लोहिया मार्ग पर जीएचएस गेट नंबर-चार के आसपास छह मैनहोल के गड्डे धंस कर जानलेवा बन गए हैं। इन गड्डों में हर रोड स्कूली वाहन फिसल रहे हैं तो छात्राओं के चोटहिल होने की आशंका बनी रहती है।

बारिश की वजह से गड्डा मुक्त अभियान ठप होने के कारण ये गड्ढे नहीं भरे जा सके हैं। लेकिन, इस पर मैं डीएम और अन्य संबंधित विभागों के अफसरों से बात करूंगा, ताकि टूटी सड़कें दुरुस्त कराई जा सकें। मेरे क्षेत्र की 55 सड़कें हैं। इन पर अक्तूबर तक धन आवंटित हो जाएगा। इसके बाद सड़कें दुरुस्त हो जाएंगी। - सिद्धार्थ नाथ सिंह, विधायक- शहर पश्चिमी।



कई जगह दूसरे विभागों की ओर से रोड कटिंग कर दिए जाने से गड्ढे नजर आ रहे हैं। दुर्गा पूजा और दशहरा से पहले क्षतिग्रस्त सड़कों की जल्द ही मरम्मत करा दी जाएगी। - कौशल किशोर झा, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी-प्रांतीय खंड। 
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पीएचक्यू मार्ग पर लिकेज ठीक करने के चार दिन बाद भी नहीं भरा जा सका गड़्ढा 
एजी ऑफिस, पीएचक्यू बिल्डिंग में जहां एडीजी कार्यालय राजस्व परिषद और माध्यमिक शिक्षा परिषद कार्यालय हैं, उस सड़क का भी हाल बुरा है। राजकीय मुद्रणालय के पास चार दिन पहले लिकेज ठीक करने के लिए सड़क काटी गई। करीब ढाई मीटर गहरा और तीन मीटर लंबा गड्डा खोद कर लीकेज तो ठीक कर लिया गया, लेकिन इस व्यस्ततम सड़क पर गड्ढे को अभी तक नहीं भरा जा सका है। 
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