मेरे और अखिलेश के विचार एक
पूजा ने कहा कि उनके और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के विचार एक जैसे ही हैं। अखिलेश यादव माफिया को पसंद नहीं करते हैं। इसी वजह से वर्ष 2017 में उन्होंने अतीक अहमद को टिकट नहीं दिया। अखिलेश महिलाओं का दुख समझते हैं, इसी वजह से मैंने सपा ज्वाइन की। पूजा ने कहा कि वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें भाजपा में शामिल होने का ऑफर मिला था। तब स्वामी प्रसाद मौर्य ने मुझसे संपर्क कर भाजपा ज्वाइन करने की बात कही थी। लेकिन मैंने भाजपा में जाना उचित न समझा। पूजा ने कहा कि उमेश पाल भी समाजवादी थे। उनकी फाफामऊ से चुनाव लड़ने की इच्छा थी, लेकिन जब उन्हें टिकट नहीं मिला तो उन्होंने भाजपा ज्वाइन कर ली।
राजूपाल हत्याकांड पर मेरी हो चुकी है गवाही
पूजा पाल ने शहर पश्चिमी विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह पर भी निशाना साधा। पूजा ने कहा कि उनपर आरोप लगाए जा रहे हैं कि उन्होंने राजू पाल हत्याकांड पर गवाही नहीं दी है। इसके लिए मैंने दो दिन पूर्व ही सीएम योगी और सिद्धार्थनाथ को ट्वीट कर कहा है कि स्व. राजू पाल के केस में माफिया अतीक के खिलाफ मेरी गवाही सीबीआई कोर्ट नंबर एक पर हो गई है। लोग मेरे ऊपर झूठा आरोप लगा रहे हैं कि मैंने गवाही नहीं दी है।
मैं खरा सोना, मुझे पहचान नहीं सकीं मायावती
मायावती के ट्वीट कि पूजा ने बसपा छोड़ सपा ज्वाइन की, पर पूछे गए सवाल पर विधायक पूजा पालने कहा कि मैं उन्हें याद दिलाना चाहती हैं कि मैने बसपा छोड़ी नहीं, बल्कि मुझे वहां से निकाला गया। मैं खरा सोना थी, मुझे मायावती पहचान नहीं सकीं। जब उन्होंने मुझे निष्कासित किया था तब भी मैंने एक शब्द नहीं बोला। मैंने उन्हें हमेशा मां का दर्जा दिया। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से हुई एक मुलाकात के बाद यहां बसपा कोआर्डिनेटर अशोक गौतम को लगा कि मैं भाजपा ज्वाइन करने जा रही हूंं, जबकि मैं डिप्टी सीएम के पास राजू पाल केस के सिलसिले में मिलने गई थी।