जिला न्यायालय ने पूर्व विधायक सीबी इनिश को अपनी बहू और उनके दो बच्चों के भरण पोषण के लिए दो लाख रुपये प्रति माह देने का निर्देश दिया है। यह आदेश घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के तहत शिल्पी की अर्जी अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक त्रिपाठी ने वादिनी के अधिवक्ता हरीकृष्ण उर्फ सुनील पांडे को सुन कर दिया है ।
प्रकरण थाना औद्योगिक क्षेत्र का है । वादिनी शिल्पी मिचेल इनिस पत्नी स्वर्गीय मिचेल रॉयल इनिस ने अपने ससुर पूर्व विधायक सीबी इनिस और सास के खिलाफ घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम के तहत न्यायालय में मुकदमा दाखिल किया है । वादिनी की घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 23 के तहत अंतरिम भरण पोषण की अर्जी पर कोर्ट ने सुनवाई की । अर्जी में कहा गया कि उसने मिचेल रॉयल इनिस से 15 जुलाई 2000 को प्रेम विवाह किया था । जिसके बाद से ही उसके सास-ससुर वादिनी और उसके दोनों बच्चों ट्रेस्टन जेरार्ड इनिस और दिया जेराल्ड इनिस के साथ बुरा बर्ताव करने लगे द्य 2001 में वह सेंट जॉन्स एकेडमी की प्रिंसिपल बनी थी ।
23 अगस्त 2016 को मिचेल इनिस की मृत्यु हो गई । जिसके बाद विपक्षी सास ससुर ने लॉकर से कागजात और गहने निकाल लिए द्य। उसे प्रिंसिपल के पद से हटा दिया और वेतन देना बंद कर दिया । विपक्षीगण वादिनी और उसके बच्चों के साथ बुरा बर्ताव करने लगे और उसे प्रताड़ित करने लगे । वादिनी तथा उसके बच्चों का अपहरण करने और जान से मारने की धमकी भी दिया था द्य विपक्षी ने वादिनी और उसके बच्चों का दाना पानी बंद कर दिया द्य वादिनी का कहना है कि विपक्षी सेंट जॉन एकेडमी के प्रबंध से लगभग 25 लाख रुपए की आमदनी करता है । विपक्षी वादिनी और उसके दोनों बच्चों का भरण पोषण करने में सक्षम है । उसे 15 लाख रुपए प्रतिमाह भरण पोषण के लिए दिलाया जाए । न्यायालय ने उभय पक्ष के तर्क को सुनने के बाद विपक्षी को आदेश दिया है कि वह वादिनी को एक लाख रुपए और उसके दोनों बच्चों को 50 - 50 हजार रुपए कुल दो लाख रुपए प्रति माह आदेश की तिथि से हर महीने की 10 तारीख को प्रदान करें।