फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रयागराज : दो घंटे में बदली गई विधायक अब्बास अंसारी की जेल, नैनी से चित्रकूट भेजा गया

Sat, 19 Nov 2022 03:52 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कार्रवाई इतनी गोपनीय रखी गई कि जेल के कर्मचारियों को भी अंतिम वक्त में ही सूचना दी गई। 13 दिन की कस्टडी रिमांड के बाद शुक्रवार दोपहर अब्बास अंसारी को लेकर प्रवर्तन निदेशालय की टीम कोर्ट पहुंची। वहां कोर्ट ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
विज्ञापन
Prayagraj News : अब्बास अंसारी को कोर्ट में पेश करने के लिए ले जाती ईडी की टीम। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

14 दिनों की न्यायिक हिरासत में नैनी जेल भेजे गए माफिया मुख्तार अंसारी के विधायक बेटे अब्बास अंसारी की जेल दो घंटे में बदल दी गई। उसे शाम चार बजे के करीब नैनी जेल में दाखिल कराया गया और लगभग छह बजे चित्रकूट के लिए रवाना कर दिया गया। 

विज्ञापन



कार्रवाई इतनी गोपनीय रखी गई कि जेल के कर्मचारियों को भी अंतिम वक्त में ही सूचना दी गई। 13 दिन की कस्टडी रिमांड के बाद शुक्रवार दोपहर अब्बास अंसारी को लेकर प्रवर्तन निदेशालय की टीम कोर्ट पहुंची। वहां कोर्ट ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। ईडी की टीम व सिविल लाइंस पुलिस उसे लेकर शाम चार बजे के करीब नैनी जेल पहुंची। यहां मेडिकल मुआयने के बाद उसे दाखिल कर दिया गया। 

विज्ञापन

Prayagraj News : विधायक अब्बास अंसारी को कोर्ट में पेश करने ले जाती पुलिस और ईडी की टीम। - फोटो : अमर उजाला।
करीब एक घंटे बाद ही जेल अफसरों के पास अब्बास की जेल बदलने का आदेश आ गया। इसके बाद आननफानन में तैयारी शुरू हुई। पुलिस लाइन से सशस्त्र जवानों की टीम भी प्रिजन वैन लेकर पहुंच गई। शाम करीब छह बजे अब्बास को लेकर पुलिस टीम चित्रकूट के लिए रवाना हो गई। प्रभारी जेल अधीक्षक आरके सिंह का कहना है कि शासन के आदेश पर यह कार्रवाई की गई। अब्बास अंसारी को पुलिस सुरक्षा में चित्रकूट जेल के लिए रवाना कर दिया गया है। 


गुमसुम रहा अब्बास, नहीं की किसी से बात
सूत्रों का कहना है कि नैनी जेल में लाए जाने के दौरान अब्बास अंसारी गुमसुम रहा। उसने किसी से कोई बात नहीं की। कुछ खाने से भी मना कर दिया। यहां तक कि पानी भी नहीं पीया। चित्रकूट जेल के लिए रवाना किए जाने के दौरान भी वह चुपचाप रहा। शासन के आदेश की जानकारी देने पर चुपचाप प्रिजन वैन में बैठ गया। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें