mixture work in foods on holi is on top
- फोटो : CITY DESK
होली पर्व पर मिलावटी एवं नकली खाद्य पदार्थों की खुली बिक्री और लोगों की सेहत से खिलवाड़ जारी है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से लगातार छापेमारी की जा रही है लेकिन यह सख्ती सिर्फ खानापूर्ति ही साबित हो रही है। संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने तो जांच के लिए भेज दिए गए हैं लेकिन इनकी बिक्री पर कोई रोक नहीं है। उल्टे एक बार नमूना लिए जाने के बाद दुकानदारों में भय भी खत्म हो गया है और लोग जहरीला खाद्य पदार्थ खाने के लिए मजबूर हैं।
खोवा, सरसों तेल, नमकीन, कचरी समेत हर खाद्य पदार्थों में मिलावट की बड़े स्तर पर शिकायत है। इससे पूरा बाजार पटा है। इसके मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से एक जगह खोवा नष्ट करने के अलावा तेल एवं नमकीन की फैक्ट्री भी सीज गई है लेकिन इससे ईतर हानिकारक पदार्थों की बिक्री जारी है। विभाग की ओर से इस दौरान ऐसे संदिग्ध पदार्थों के 118 नमूने लिए जा चुके हैं। शनिवार को भी ईटऑन से बिरयानी, सिविल लाइंस की एक प्रतिष्ठित दुकान से मेवे की मिठाई समेत नौ जगहों से संदिग्ध नमूने लिए गए। जांच के लिए नमूने लखनऊ भी भेज दिए गए हैं लेकिन इन पदार्थों की बिक्री पर कोई रोक नहीं है। जबकि, जांच रिपोर्ट आने में 15 दिन से एक महीने का समय लगेगा। इस तरह से जांच रिपोर्ट आने और आगे की कार्रवाई होने तक मिलावटी खाद्य पदार्थ शहरियों की सेहत बिगाड़ चुके होंगे। ऐसे में विभाग की इस पूरी कार्रवाई पर ही सवाल खड़ा हो गया है। इसके विपरीत विभाग के अफसर इस व्यवस्था पर बोलने से बच रहे हैं।
होलिका दहन और होली के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बढ़ा दी गई है। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने शनिवार को प्रशासन और पुलिस के अफसरों संग बैठक में सभी संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाने तथा अन्य जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिया। उन्होंने होलिका दहन वाले स्थलों के निरीक्षण का भी निर्देश दिया। डीएम ने खाद्य पदार्थों की नियमित जांच, अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था आदि की बाबत भी आवश्यक निर्देश दिए।