याचियों का कहना है कि चर्च की 17 दुकानों में से एक पर कब्जा हो गया है। इसकी शिकायत करने पर यूपी अल्पसंख्यक आयोग ने नायब तहसीलदार को तलब किया। आयोग ने पाया कि अमित को आवंटित दुकान पर कमल नाम के व्यक्ति ने कब्जा कर लिया है। आयोग ने अमित और कमल दोनों पर कार्रवाई का आदेश दिया, लेकिन सरकार ने कार्रवाई नहीं की।
याची राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग पहुंचे। आयोग ने जिला प्रशासन को दुकान पर कब्जा दिलाने में मदद का आदेश दिया। इसका पालन न होने पर हाईकोर्ट में गुहार लगाई। यहां यूपी सरकार के अधिवक्ता ने कहा कि अल्पसंख्यक आयोग की स्थापना विशेष उद्देश्य के लिए की गई है, लेकिन आयोग अधिकारियों को तलब कर अपने अधिकार क्षेत्र से परे काम करा रहा है।
हाईकोर्ट ने पाया कि 1992 अधिनियम के तहत अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए आयोग का गठन किया गया है। वह किसी मुकदमे की सुनवाई कर सकता है, लेकिन संपत्ति विवाद समाधान के लिए बेदखली का निर्देश नहीं दे सकता।