प्रयागराज से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां किशोरी को फर्जी आधार कार्ड से बालिग और विवाहित बताकर IVF सेंटर में अंडाणु निकलवा दिए। पुलिस ने मामला का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने आईवीएफ की पंजीकृत एजेंट कल्पना समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
प्रयागराज के फाफामऊ थाना इलाके की 15 वर्षीय किशोरी को आईवीएफ सेंटर ले जाकर अंडाणु निकलवाने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। किशोरी का फर्जी आधार कार्ड बनाकर उसे बालिग और विवाहिता बताया गया और फिर हलफनामा देकर सेंटर में गैरकानूनी ढंग से ओवा एक्सट्रैक्शन की प्रक्रिया कराई गई।
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फाफामऊ पुलिस ने किशोरी की मां की तहरीर पर आईवीएफ की पंजीकृत एजेंट कल्पना समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। डीसीपी कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि महिला ने शिकायत की थी कि उसकी बेटी का 15 जनवरी को अपहरण कर सिविल लाइंस के एक आईवीएफ सेंटर में ऑपरेशन करवाकर उसके अंडाणु निकाले गए।
शिकायत पर शुक्रवार को फाफामऊ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। पुलिस जांच में पता चला कि मां ने ही तीन फरवरी को अपनी बेटी को वन स्टॉप सेंटर में भर्ती कराया था।
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किशोरी का बयान दर्ज हुआ तो उसने अपनी मां पर परेशान करने और घर से बाहर निकालने का आरोप लगाया। कहा कि वह अपनी एक सहेली के साथ आईवीएफ सेंटर पर गई थी। इसके एवज में उसे 10 हजार रुपये मिले थे।
गहनता से जांच करने पर पता चला कि पीड़िता की करेली निवासी सहेली व उसकी मां रिंकी ने रुपये का लालच देकर उसे आईवीएफ डोनर बनने के लिए तैयार किया था। इसके बाद उसे सिविल लाइंस कोपर रोड निवासी सीमा भारतीया के पास ले जाया गया।
किशोरी का फर्जी आधार कार्ड बनवाकर उसे बालिग व विवाहिता दिखाया
सीमा ने अपने बेटे हिमांशु भारतीया से किशोरी का फर्जी आधार कार्ड बनवाकर उसे बालिग व विवाहिता दिखा दिया। इस पूरी प्रक्रिया के बाद सीमा फर्जी आधार कार्ड के साथ किशोरी को आईवीएफ सेंटर की पंजीकृत एजेंट शाहगंज निवासी कल्पना भारतीया के पास ले गई।
वहां फर्जी कंसल्ट एफिडेविट तैयार किया गया। इसके बाद 20 जनवरी को आईवीएफ सेंटर में फर्जी कागजात के आधार पर अंडाणु निकालने की प्रक्रिया की गई। पुलिस जांच में पता चला कि सीमा महिला एजेंट कल्पना भारतीया की रिश्ते में मौसी लगती है।
30 से 35 हजार रुपये तक कमीशन
पुलिस जांच में सामने आया कि एक ग्राहक के लिए तकरीबन 30 से 35 हजार रुपये तक का कमीशन दिया जाता है। कमीशन के चक्कर में ही गोरखधंधा चल रहा था। इसमें और भी लोगों की भूमिका सामने आ सकती है।
आईवीएफ सेंटर के अन्य एजेंट के अलावा और लोगों की भूमिका की भी पुलिस जांच कर रही है। डीसीपी ने बताया कि सभी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।