अधिवक्ता राजेश कुमार श्रीवास्तव की हत्या के बाद उनके घर शोक संवेदना जताने के लिए पहुंचने वालाें का तांता शनिवार को भी लगा रहा। कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्त नंदी भी दोपहर में अधिवक्ता के घर पहुंचे और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने विवाद की जड़ बने नाले पर हुए अतिक्रमण को भी देखा और नगर आयुक्त से फोन पर बातचीत कर जांच के बाद एक हफ्ते में रिपोर्ट देने को कहा।
अधिवक्ता राजेश की 10 मई की सुबह उस वक्त हत्या कर दी गई थी, जब वह बाइक से कचहरी जा रहे थे। दो बदमाश कटरा में मनमोहन पार्क के पास स्थित बाइक एजेंसी के सामने उन्हें गोली मारकर भाग निकले थे, जिसमें मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी। घटना के बाद से मृतक अधिवक्ता के परिवारवालों को ढांढस बंधाने पहुंचने वालों का तांता लगा हुआ है। शनिवार को भी ऐसी ही स्थिति रही। दोपहर में करीब सवा एक बजे कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्त नंदी भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। मंत्री ने जैसे ही अधिवक्ता राजेश के भाइयों एवं पत्नी से घटना के बारे में पूछा, वह अपने आप को संभाल नहीं सके और फूट-फूटकर रोने लगे। उधर, अधिवक्ता के मासूम बेटे आभास और बेटी आयुषी का भी रो-रोकर बुरा हाल था। मंत्री ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से अधिवक्ता के परिवार की हरसंभव मदद की जाएगी। कार्रवाई के बाबत उनका कहना था कि पुलिस ने नामजद मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य की तलाश की जा रही है। किसी को बख्शा नहीं जाएगा। करीब आधे घंटे तक अधिवक्ता के घर पर रहने के बाद मंत्री वापस चले गए।
एक दिन पहले पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य विवाद की जड़ कहे जा रहे नाले पर हुए अतिक्रमण को देखने नहीं गए थे, जिसे लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों में खासा नाराजगी थी। ऐसे में जब शनिवार को मंत्री नंदी से लोगों ने उक्त स्थान का निरीक्षण करने का आग्रह किया तो वह झट से तैयार हो गए। उन्होंने होटल के पिछले हिस्से में स्थित नाले और उस पर किए गए अतिक्रमण को देखा। साथ ही इस संबंध में मौके से ही नगर आयुक्त से फोन पर बात की। मंत्री ने कहा कि इस मामले में किसी तरह की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि मामले की जांच कर एक हफ्ते के भीतर रिपोर्ट उनके समक्ष प्रस्तुत की जाए।
अधिवक्ता राजेश की हत्या के बाद उनके दोनों बच्चों की जिम्मेदारी पत्नी आभा पर आ गई है। शनिवार को मंत्री नंदी के घर पहुंचने पर भी आभा ने उनसे नौकरी दिलाने की बात कही। इस पर मंत्री ने हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया। एक दिन पहले डिप्टी सीएम के सामने भी यही मांग रखी गई थी।