इलाहाबाद। जिले में लाखों एपीएल राशन कार्ड किसी भी दिन निरस्त किए जा सकते हैं। सरकार पहली अप्रैल से प्रदेश में खाद्य सुरक्षा अधिनियिम लागू करने जा रही है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद एपीएल और बीपीएल जैसी कोई चीज नहीं रह जाएगी। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अपने मानक होंगे और उसी के अनुसार लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। चयन के लिए दो फरवरी से विस्तृत पैमाने पर सर्वे शुरू होने जा रहा है। हालांकि शासन के निर्देश पर इलाहाबाद के दो गांवों को रेंडम सर्वे कर उससे संबंधित रिपोर्ट पहले ही शासन को भेजी जा चुकी है।
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत इलाहाबाद शहर में 64.5 फीसदी और ग्रामीण इलाकों में 79.78 फीसदी आबादी को कवर किया जाएगा। आपूर्ति विभाग के सूत्रों के मुताबिक नई व्यवस्था में अंत्योदय कार्डधारकों को अलग श्रेणी में रखा जाएगा और दूसरी श्रेणी में बीपीएल एवं एपीएल कार्डधारकों को शामिल किया जाएगा। शहर क्षेत्र में सभी परिवारों को लाभार्थियों की चयन सूची से बाहर रखा जाएगा, जिनके परिवार की कुल वार्षिक आय तीन लाख रुपये या उससे अधिक है।
साथ ही सभी आयकर दाताओं को भी पात्रता सूची में शामिल नहीं किया जाएगा। वहीं, ग्रामीण इलाकों में उन परिवारों को पात्रता सूची में शामिल किया जाएगा, जिनकी वार्षिक आय दो लाख रुपये या उससे कम है। बाकी को पात्रता सूची से बाहर रखा जाएगा। इलाहाबाद में तकरीबन 17 लाख राशन कार्डधारक हैं और इनमें आधे से अधिक एपीएल कार्ड धारक हैं।
एक अनुमान के मुताबिक 80 फीसदी एपीएल कार्डधारक सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से राशन नहीं लेते हैं। उनके लिए एपीएल कार्ड का उपयोग सिर्फ पहचान और निवास प्रमाणपत्र तक सीमित है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभार्थियों के चयन के लिए जो मानक तय किए गए हैं, उनमें भी ये एपीएल कार्डधारक फिट नहीं बैठते हैं। ऐसे में उनके कार्ड निरस्त हो जाएंगे। आपूर्ति विभाग इन दिनों पुराने अंत्योदय और बीपीएल कार्डों का कंप्यूटरीकरण करा रहा है लेकिन अब तक एपीएल कार्ड के कंप्यूटरीकरण का काम नहीं शुरू किया जा सका है।
माना जा रहा है कि इनमें से ज्यादातर कार्ड निरस्त होने हैं, सो इसी वजह से अभी एपीएल कार्डों के कंप्यूटरीकरण का काम शुरू नहीं किया जा सका है। जिला पूर्ति अधिकारी संजीव कुमार का कहना है कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्रों और अपात्रों का चयन होगा। ऐसे में एपीएल और बीपीएल के कोई मायने नहीं रह जाएंगे। अंत्योदय कार्डधारकों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।