इलाहाबाद विवि में मोटे अनाज की प्रदर्शनी लगाई गई।
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सेहत के लिए पास्ता और पुडिंग जैसे व्यंजन भी फायेदमंद साबित हो सकते हैं, अगर ये मोटे अनाज से बने होंगे। ऐसे व्यंजनों को चखना है तो आठ नवंबर को इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के सेंटर ऑफ फूड टेक्नोलाॅजी में पहुंचे, जहां मोटे अनाज से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई गई और इनकी बिक्री भी की गई।
मोटे अनाज ज्वार बाजरा, कुटकी, मडुआ आदि से भी स्वादिष्ट और पौष्टिक आहार तैयार किए जा सकते हैं। यह इविवि के सेंटर ऑफ टेक्नोलॉजी ने करके दिखाया है। ऐसे व्यंजनों में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और खनिज की भरपूर मात्रा होती है। ऐसे पौष्टिक आहार बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष रूप से फायदेमंद हैं।
मोटे अनाज से बना व्यंजन कैल्शियम, प्रोटीन और एंटीऑक्सिडेंट जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व प्रदान करने के साथ ऊर्जा बढ़ावा है। सेंटर ऑफ फूड टेक्नोलॉजी ने बाजरा, ज्वार, रागी (मिलेट) के इस्तेमाल से ब्रेड, पास्ता, खिचड़ी, कुकीज और पुडिंग जैसे व्यंजन तैयार किए हैं। बुधवार को विभाग में आयोजित ‘मिलेट बाजार 2023’ में इनकी प्रदर्शनी लगाई जाएगी। मोटे अनाज से बने अन्य खाद्य पदार्थ भी मिलेट बाजार बेचे जाएंगे।
फूड टेक्नोलॉजी की अध्यक्ष प्रो.नीलम यादव के अनुसार शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राओं ने मिलेट बाजार के लिए छह प्रकार के व्यंजन तैयार किए हैं। इनमें रागी से बना लड्डू और पास्ता, बाजरे की खिचड़ी, कुटकी से तैयार की गई ब्रेड भी शामिल। मिलेट बाजार-2023 के आयोजन का उद्देश्य लोगों को मोटे अनाज के महत्व और फायदे के प्रति जागरूक करना है।