लाखों रुपये लेकर सेना में भर्ती कराने वाले गिरोह का सरगना अजय उर्फ मुलायम सिंह यादव शनिवार को जेल भेज दिया गया। एसटीएफ की पूछताछ में उसने चौंकाने वाला खुलासा किया है। बताया कि वह लखनऊ स्थित सैन्य अस्पतालकर्मी पवन उर्फ स्वपनिल सूर्यवंशी के जरिये यह पूरा खेल करता था। जिसके बाद उसे भी वांछित कर दिया गया है। उसके बारे में मिलिट्री इंटेलिजेंस को भी सूचना भेजी गई है।
सेना में भर्ती कराने वाले गिरोह के सरगना कौशाम्बी के सैनी निवासी अजय उर्फ मुलायम को एक दिन पहले एसटीएफ स्थानीय इकाई ने कंपनी बाग के पास से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने चौंकाने वाले खुलासे किए। बताया कि वह सेना में 2003 में जीडी कांस्टेबल के पद पर प्रयागराज से भर्ती हुआ। नौकरी के दौरान वह एएमसी बेस हॉस्पिटल लखनऊ में नर्सिंग असिस्टेंट के पद पर कार्यरत पवन उर्फ स्वपनिल के संपर्क में आया। वह रुपये लेकर सेना में भर्ती कराने का काम करता था।
जिसके उसने अपने ममेरे भाई मनीष व अपने दो सैन्यकर्मी दोस्तों प्रदीप कुमार यादव व संजय पांडेय को भी उससे मिलवाया। इसके बाद सभी रुपये लेकर अभ्यर्थियों को सेना में भर्ती कराने का काम पवन के माध्यम से कराने लगे। पूछताछ में यह भी बताया कि उसके कहने पर मनीष व प्रदीप ने अभ्यर्थियों से लिए गए 25 लाख रुपये दो बार में चारबाग स्टेशन पर पहुंचकर पवन उर्फ स्वपनिल को दिए थे। एसटीएफ एएसपी नीरज पांडेय ने बताया कि फर्जीवाड़े में सैन्य अस्पतालकर्मी की संलिप्तिता की सूचना मिलिट्री इंटेलिजेंस को दे दी गई है। साथ ही उसे वांछित कर तलाश शुरू कर दी गई है।