अमर उजाला की ओर से निवेशक शिक्षा और जागरूकता कार्यक्रम में दीप प्रज्जवलित करते अतिथिगण।
- फोटो : अमर उजाला।
वहीं, वरिष्ठ कर एवं वित्त सलाहकार डाॅ. पवन जायसवाल ने कहा कि आम लोग छोटी-छोटी रकम से कम जोखिम के साथ निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। छोटे निवेश पर भी बाजार के विशेषज्ञ की लगातार नजर रहती है, जो कोशिश करता है कि आपका रिटर्न बाकी लोगों से ऊंचा रहे।
वर्तमान बाजार के ब्याज दर को देखते हुए यदि कोई 4000 रुपये प्रतिमाह की एसआईपी में लगाता है तो 2045 तक उसकी संपदा एक करोड़ हो सकती है।वित्तीय सेहत सुदृढ़ करने के लिए आमदनी बढाएं, खर्चों का प्रबंधन करें और चक्रवृद्धि ब्याज वाली प्रतिभूतियों में निवेश करना ठीक हो सकता है। एसआईपी कम से कम दस वर्ष की होनी चाहिए।
इसके पहले सेल्स हेड मुकेश कुमार, डाॅ. पवन जायसवाल, प्रयाग व्यापार मंडल के अध्यक्ष राणा चावला, केंद्रीय व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुशील खरबंदा, दिनेश सिंह और लालू मित्तल ने कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान मौजूद लोगों की तमाम शंकाओं का भी समाधान किया गया।
अमर उजाला की ओर से निवेशक शिक्षा और जागरूकता कार्यक्रम में मौजूद अतिथि।
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कार्यक्रम में इनकी रही मौजूदगी
राणा चावला, सुशील खरबंदा, शिवशंकर सिंह, आशीष अरोड़ा, योगेश गोयल, नवीन अग्रवाल, विजय वैश्य, अवंतिका टंडन, धनंजय सिंह पटेल, लालू मित्तल, नीरज जायसवाल, आशीष गुप्ता, दिनेश सिंह, कृष्ण मुरारी अग्रवाल, महेंद्र गोयल, आलोक सहगल, नागेंद्र बहादुर सिंह, राजेश कुमार यादव, एसके सिंह, रागिनी सिंह, एसजे रहमानी, पूरनचंद मीणा, राहिल हसन, साहिल अरोरा, शरद मालवीय, शेख डाबर वकील, सौरभ यादव और अंकित यादव आदि की मौजूदगी रही।
अमर उजाला की ओर से निवेशक शिक्षा और जागरूकता कार्यक्रम में मौजूद छात्र।
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विशेषज्ञों से पूछे सवाल, शंकाओं का हुआ समाधान
प्रयागराज। निवेशक शिक्षा और जागरूकता कार्यक्रम में पहुंचे विशेषज्ञों ने कारोबारियों, उद्यमियों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं की तमाम शंकाओं का समाधान किया। छात्रा आयुषी मिश्रा ने पूछा कि म्युचुअल फंड क्या होता है। आलोक सहगल ने पूछा कि वेतनभोगी के लिए एसआईपी अच्छा क्यों है।
कारोबारी विजय वैश्य ने किस निवेश में सबसे कम जोखिम है उसके बारे में जानकारी ली। वहीं, वेद प्रकाश मिश्रा ने डाॅ. पवन जायसवाल और मुकेश कुमार से पूछा कि निवेश के लिए आज के बाजार में सही फंड मैनेजर का चुनाव कैसे करें।
इसी तरह छात्रा सोनल त्रिपाठी, आरके सिंह और पुरुषोत्तम जायसवाल ने भी सवाल पूछे। इन सभी सवालों का मुकेश कुमार और डाॅ. पवन जायसवाल ने जवाब देकर तमाम शंकाओं का समाधान किया। वहीं, एक्सपर्ट ने यह भी कहा कि म्यूचुअल फंड निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है, इसलिए योजना से जुड़े दस्तावेज को ध्यान से जरूर पढ़ना चाहिए।