इलाहाबाद। इलाहाबाद में मेट्रो रेल चलाने की योजना पर का खाका तेजी से तैयार हो रहा है। बुधवार को यहां मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की घोषणा के अगले दिन मंडलायुक्त ने एडीए, परिवहन विभाग, नगर निगम समेत अन्य विभागों के अफसरों के साथ बैठक की। शुक्रवार को एडीए, परिवहन और नगर निगम के अफसरों की संयुक्त टीम ने प्रस्तावित रूट की जांच की। अब संयुक्त जांच रिपोर्ट सोमवार को मंडलायुक्त को सौंपी जाएगी। इसके बाद एक बैठक और होंगी, जिसमें अफसरों से सुझाव मांगे जाएंगे। इसके बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
इलाहाबाद में मेट्रो रेल के रूट मैप एडीए ने वर्ष 2008 में ही तैयार किया था लेकिन उसके बाद यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई। स्मार्ट सिटी में मेट्रो रेल चलाने की मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद एडीए के रूट मैप पर बृहस्पतिवार को विचार विमर्श हुआ। मंडलायुक्त राजन शुक्ला के निर्देश के बाद शुक्रवार को रोडवेज के सेवा प्रबंधक जयदीप वर्मा, एडीए के सीटीपी पीके सोलंकी एवं नगर निगम के मुख्य अभियंता लोकेश जैन ने प्रस्तावित रूट की जांच की।
टीम ने पश्चिम-पूर्व रूट नंबर एक में मनौरी से शुरू होकर झूंसी तक जाने वाले 30.20 किमी, उत्तर-दक्षिण में रूट नंबर दो में इलाहाबाद बाईपास टर्मिनल जलालपुर-प्रतापगढ़ रोड क्रासिंग से करछना कोहारा क्रासिंग टर्मिनल तक 40.20 किमी, पश्चिम-पूर्व में रूट नंबर तीन में सूबेदारगंज से खुल्दाबाद होकर कीडगंज तक 7.70 किमी तथा उत्तर-दक्षिण रूट नंबर चार में महेवापट्टी एसटीपी से इरादगंज तक 10.70 किमी लंबे रूट को देखा। संयुक्त टीम सोमवार को मंडलायुक्त को एंटीग्रेटेड प्लान की सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इसके बाद 10 सितंबर को विभिन्न विभागों से सुझाव एवं विचार विमर्श के बाद मेट्रो रेल के प्रस्ताव को अनुमोदन के लिए शासन को भेजा जाएगा।