संगमनगरी की महत्वाकांक्षी लाइट मेट्रो रेल परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में अहम प्रगति हुई है। शुक्रवार को कैंटोनमेंट क्षेत्र में आयोजित बैठक में रक्षा विभाग ने छिंवकी को छोड़कर अन्य स्थानों पर भूमि देने के लिए सैद्धांतिक सहमति जताई है। रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि परियोजना का विस्तृत नक्शा और प्रस्ताव उन्हें भेजा जाए, ताकि उच्च स्तर पर मंजूरी ली जा सके।
बैठक में कर्नल रवि कुमार सिंह ने कहा कि छिंवकी क्षेत्र में रक्षा मंत्रालय की योजनाएं पहले से तय हैं। उन्होंने बताया कि जहां मेट्रो डिपो बनाने का प्रस्ताव है, वहां पहले से एक अन्य रक्षा परियोजना प्रस्तावित है। ऐसे में वहां डिपो निर्माण संभव नहीं है। उन्होंने यूपीएमआरसी को सुझाव दिया कि डिपो के लिए छिंवकी के आसपास कोई अन्य वैकल्पिक स्थान तलाशा जाए। बैठक में उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ( यूपीएमआरसी ) के चीफ इंजीनियर ने रक्षा विभाग को प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर, स्टेशन और डिपो से अवगत कराया।
उन्होंने बताया कि मेट्रो परियोजना के तहत हाईकोर्ट, फ्लाईओवर, परेड ग्राउंड और छिंवकी क्षेत्रों में स्टेशन प्रस्तावित हैं। पीडीए की अवर अभियंता इप्सा सिंह ने रक्षा विभाग के अधिकारियों को डीपीआर के तथ्यों से अवगत कराते हुए अन्य जानकारी दी। इस मौके पर सचिन श्रीवास्तव लेप्टिनेंट कर्नल, यूपीएमआरसी के जीएम आशीष द्विवेदी, ज्वाइंट जीएम विपिन मिश्रा, राइट्स के ज्वाइंट जीएम पुष्पेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
रक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ लाइट मेट्रो रेल परियोजना को लेकर अहम बैठक हुई है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। यूपीएमआरसी, राइट्स के अधिकारियों ने विस्तार से पूरी परियाेजना के बारे में रक्षा विभाग को अवगत कराया है। उन्होंने अधिकतर बिंदुओं पर सहमति भी दी है।
- डा. अमित पाल शर्मा, उपाध्यक्ष प्रयागराज विकास प्राधिकरण