इलाहाबाद। प्रभु यीशु के जन्मदिन के उपलक्ष्य में बृहस्पतिवार को मसीही घरों और शहर के विभिन्न चर्चों में उल्लास का माहौल रहा। परमेश्वर पुत्र के आने की खुशी से लबरेज मसीही सुबह विशेष प्रार्थना के लिए चर्च पहुंचे और एक दूसरे को क्रिसमस की बधाई दी। मैरी क्रिसमस से गिरजाघर गूंजते रहे। सेंट जोसेफ कैथिड्रल, ऑल सेंटस कैथिड्रल, जमुना चर्च, लाल गिरजाघर, सेंट पीटर्स, कटरा चर्च, होली ट्रिनटी चर्च, सेंट पॉल चर्च, चौक चर्च आदि में सुबह नौ बजे विशेष प्रार्थना हुई। गिरजाघर के आसपास मेले का माहौल रहा। सेंटाक्लाज लोगों को उपहार देते रहे।
सेंटस जोसेफ कैथिड्रल में पल्ली पुरोहित फादर बैपटिस्ट ने परमेश्वर पुत्र के आने की बधाई दी और नया साल सभी के लिए मंगलमय होने की दुआ मांगी। उन्होंने कहा कि दुखी मानवता के उद्धार की खातिर परमेश्वर ने अपने पुत्र को धरती पर भेजा है, हम सभी को उसके बताए मार्ग पर चलकर ही शांति मिलेगी। इस अवसर पर बाइबिल के प्रमुख अंश पढ़े गए। जरूरत मंद लोगों के लिए आफॅरिंग भी की गई जिसमें लोगों ने स्वेच्छा से दान किया। ऑल सेंट्स कैथिड्रल में आयोजित विशेष प्रार्थना में रेव्हरेंड गेब्रिएल दाउद ने आल्टर पर जुटे मसीहियों को ब्रेड और दाखरस देने के बाद आशीर्वचन में सर्वमंगल समृद्धि और सुख शांति की कामना की। चर्च के दरवाजे पर मुरादें पूरी होने के लिए मोमबत्तियां जलाई गई। चर्च के आसपास लगी दुकानों पर लोग क्रास, सलीब और क्रिसमस ट्री आदि खरीदते रहे।
सेंट जोसेफ कालेज मैदान पर बृहस्पतिवार को तीन दिवसीय क्रिसमस मेला शुरू हुआ। इलाहाबाद धर्मप्रांत के बिशप राफी मंजली ने मेले का उद्घाटन किया। सेंट एंथोनी, बेथनी व सेंट जोसेफ के विद्यार्थियों की रंगारंग प्रस्तुति ने मनमोहा। मारिया सदन व नाथरेथ निवास की साधिकाओं ने सेव गर्ल चाइल्ड पर आधारित नाटिका के माध्यम से बेटी बचाने का संदेश दिया गया। क्रिसमस मेले में बाउंसी, काररेस, फिश व्हील, चरखी और झूलों ने लुभाया। इतना ही नहीं मेले में खाने-पीने के भी कई प्रकार के स्टाल लगाए गए थे।
ऊंट की सवारी का मजा लेने में बच्चों के संग बुजुर्ग भी शामिल रहे। मेले में पहली बार अन्य प्रांतों के स्टाल थे। जिनमें खरीददारी को महिलाओं की भारी भीड़ थी। प्रभु यीशु के जन्म से संबंधित दृश्यावलियों की आकर्षक झांकि.यां भी सजाई गई थीं। प्रदर्शनी में यीशु के जीवन प्रसंगों सहित बाइबिल के कई संस्करण भी शामिल किए गए थे। मेले में लकी ड्रा निकाले गए। कार्यक्रम में पल्ली पुरोहित फादर बैपटिस्ट, फादर ईसीडोर सहित कई स्कूलों की शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी शामिल हुए। संयोजक फादररॉल्फी डिसूजा के मुताबिक मेले का समापन 27 दिसंबर को होगा।