इलाहाबाद ब्यूरो। आखिरकार राजस्थान, दिल्ली से आने वाली गर्म पछुवा हवाओं ने अपना जलवा दिखा ही दिया। गर्म हवाआें का ही असर रहा कि पारा तीसरी बार 45 डिग्री का आंकड़ा पार कर गया। सूरज की तमतमाहट का ही परिणाम रहा कि पारा 45.3 पर पहुंच गया। तेजी से चढ़े पारे की वजह से दिन भर लू के थपेड़ों से शहरी बेहाल रहे।
आलम यह रहा कि गर्मी से बेहाल लोग सड़कों पर निकलने के बजाए घरों में दुबक गए ऐसे में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा । भरी दुपहरी में जिसने भी सड़क पर निकलने जुर्रत की उसे जबरदस्त गर्मी का सामना करना पड़ा। तेजी से बढ़ते तापमान का ही असर रहा कि मंगलवार को न्यूनतम आर्र्दता 17 फीसदी से घटकर 14 पर पहुंच गई। तममताए सूरज की किरणों ने सुबह से बेहाल करना शुरू किया तो शाम पांच बजे तक जारी रहा। गर्मी का आलम यह रहा कि लोगों को घरोें में भी एसी, कूलर में बैठकर राहत नही मिली।
मौसम के बदले मिजाज और बेतहाशा गर्मी ने शरीर को निचोड़कर रख दिया। वायुमंडल में आर्र्दता 14 फीसदी पहुंच जाने की वजह से कई लोग चक्कर खाकर गिर पड़े। बेली अस्पताल में इलाज कराने पहुंचा समीर नामक युवक बेसुध होकर गिर गया। जिसे बमुश्किल होश में लाया गया। इसके अलावा सिविल लाइन में सुभाष चौराहे के पास एक महिला चक्कर खाने के बाद गिर गई। जिसे राहगीरों, दुकानदारों ने बड़ी मुश्किल में होश में लाया।
लू लगने पर तत्काल व्यक्ति को छाया वाली ठंडी जगह पर लिटा दें। ठंडे पानी से भींगे कपड़े से हाथ, पैर, सिर को देर तक पोछे। सिर पर लगातार ठंडा पानी डालना चाहिए। कच्ची प्याज पीसकर उसके तलवों में मालिश करें। इसके अलावा नीचे से ऊपर की तरफ सामान्य मालिश करते रहें। लू में नमक भी कारगर है। जब भी ऐसा हो तो तत्काल चुटकी भर नमक पानी में घोलकर पी लेना चाहिए। इससे परेशानी बढ़ती नहीं। लू लगने के बाद भी नमक शरीर के अंदर गया तो तापमान नियंत्रित हो जाता है।
गर्मी से कैसे करें बचाव
0 बेहद जरूरी होने पर ही धूप में बाहर निकलें।
0 मोटरसाइकिल चलाते समय हेलमेट लगाएं या फिर चेहरे को गमछा या तौलिया से ढक लें।
0 महिलाएं छाता लेकर निकलें, चेहरे को पूरी तरह ढकें।
0 सन बर्न से बचाने के लिए पूरी आस्तीन का कपड़ा पहनें।
0 लू से बचने के लिए खूब तरल पदार्थ पिएं।
0 खाली पेट कतई न रहें।
0 तमतमाए सूरज से आंखों को बचाने के लिए सनग्लास का प्रयोग करें।
0 धूप से आने के बाद तत्काल बेहद ठंडा पानी कतई न पिएं।
0 अचानक कूलर या एसी के सामने न बैठें।