पारा और लुढ़का, शीतहर ने ली दो और जान
शहर से ग्राम्यांचलों तक अलाव के इंतजाम नाकाफी, गरीबों की मुश्किलें बढ़ीं
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। शीतलहर जानलेवा हो गई है। सर्द हवाओं से न्यूनतम तापमान पिछले चौबीस घंटे में बृहस्पतिवार को .6 डिग्री और नीचे लुढ़क गया। इस बीच ठंड लगने से बीमार दो और लोगों की मौत हो गई। इससे पहले भी ठंड से दो लोगों की जान गई थी। शीत लहर का प्रकोप बढ़ने से कंपकंपी छुड़ा देने वाली ठंड के साथ कोहरे की भी मार शुरू हो गई। मौसम के जानकारों के अनुसार तापमान अभी और नीचे जा सकता है। इससे फुटपाथों, रेलवे, बस अड्डों की सर्क्युलेटिंग एरिया में रात गुजारने वालों की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है।
मौसम विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार अधिकतम तापमान 15.2 और न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। बुधवार को न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। पारा और लुढ़कने से कंपकंपी छूटने लगी है। बृहस्पतिवार को दिन के 12 बजे के बाद सूर्यदेव के दर्शन हुए, लेकिन बादलों का भी घेरा बना रहा। धूप निकली भी तो असरहीन बनी रही। इस बीच ठंड लगने से बीमार दो और लोगों की मौत हो गई। ठंड की चपेट में आने से फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के मैलहन गांव के रहने वाले राम सुमेर गुप्ता 55 की मौत हो गई। इसी गांव के रहने वाले 70 वर्षीय वृद्ध बुलबुल बिंद ने भी दम तोड़ दिया।
ग्रामीणों ने इसकी सूचना स्थानीय तहसील प्रशासन को दी, लेकिन इस दिशा में प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मैलहन बाजार, बाबूगंज, चिरौड़ा, वरुणा बाजार, उग्रसेनपुर, बुढ़ियाकाइनारा, मुबारकपुर, कोडापुर सहित अन्य बाजारों में अभी तक प्रशासन की ओर से किसी प्रकार के कोई अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसी हालत में राहगीरों एवं बाजार में आने वाले लोग ठंड में परेशान हैं।
मौसम विभाग ने अगले चार-पांच दिनों तक इसी तरह तापमान गिरने का अनुमान व्यक्त किया है। मौसम विज्ञानी प्रो. एचएन मिश्रा के मुताबिक अगले दस दिन ठंड का प्रकोप तेज रहेगा। फिलहाल पारा गिरने का क्रम जारी रह सकता है। न्यूनतम पारा अभी सात डिग्री तक जा सकता है। वहीं अधिकतम तापमान भी कम होगा। बर्फीली हवाएं इसी तरह हाड़ कंपाती रहेंगी।