पिछले 49 दिन से उनकी खबर नहीं मिली है। यहां तक कि डेनमार्क कोस्टगार्ड भी हाईटेक सर्च ऑपरेशन चलाने के बावजूद उनका पता लगाने में नाकाम रही। परिजन अनहोनी की आशंका में सदमे में हैं।
रूस से डेनमार्क के समुद्री रास्ते के बीच बैरहना निवासी मर्चेंट नेवी कर्मचारी विक्रम पटेल संदिग्ध हाल में लापता हो गए। पिछले 49 दिन से उनकी खबर नहीं मिली है। यहां तक कि डेनमार्क कोस्टगार्ड भी हाईटेक सर्च ऑपरेशन चलाने के बावजूद उनका पता लगाने में नाकाम रही। परिजन अनहोनी की आशंका में सदमे में हैं।
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दूतावास, विदेश मंत्रालय समेत दर्जनों जगह गुहार लगाने के बावजूद उन्हें कोई मदद नहीं मिली है। विक्रम पुत्र जवाहर लाल पटेल चंडीगढ़ की ओसियन वन शिप मैनेजमेंट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड में सक्षम नाविक के पद पर तैनात हैं। बहन मनीषा ने बताया कि फरवरी में उनके भाई को कंपनी ने मुंबई से पनामा जा रहे शिप पर भेजा।
सात अगस्त को आखिरी बार उन्होंने घरवालों से बात की। आठ अगस्त की रात एक बजे के करीब उनका कॉल आया लेकिन तबीयत ठीक न होने के चलते पत्नी किरनलता कॉल नहीं उठा पाईं। सुबह कॉल बैक किया तो मोबाइल बंद मिला।
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तीन दिनों तक उनकी कोई खबर नहीं मिली। 11 अगस्त को कंपनी के कैप्टन जगदीप कोहलन ने उनकी पत्नी को फोन कर बताया कि विक्रम लापता हो गए हैं। उ न्हें आखिरी बार 10 अगस्त की रात 10.30 बजे के करीब जहाज पर उनके कमरे के पास देखा गया था। यह भी बताया कि बीमारी की वजह से एक अगस्त से उन्हें रेस्ट पर रखा गया था।