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भू-दान आंदोलन के सदस्यों को जमकर पीटा, कार तोड़ी 

Wed, 31 Mar 2021 09:15 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कौशाम्बी
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क्राइम
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मांडा ब्लॉक स्थित गोरैया कला के पहाड़ पर बुधवार सुबह कब्जा जमाने पहुंचे एक हजार से अधिक भूमिहीन किसानों की स्थानीय ग्रामीणों से झड़प हो गई। स्थानीय ग्रामीणों के विरोध के कारण बाहर से आए भूमिहीन किसानों को वहां से हटना पड़ा। ग्रामीणों ने भू-दान आंदोलन के पदाधिकारियों को पीट दिया। उनकी कार में तोड़फोड़ करते हुए पलट दिया। भू दान आंदोलन वालों ने मेजा, मांडा, शंकरगढ़, बारा, मिर्जापुर और सोनभद्र के हजार से अधिक किसानों को जमीन देने के लिए बुलाया था। पुलिस छानबीन कर रही है।  
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गोरैया कला गांव में बुधवार की सुबह एक से डेढ़ हजार की संख्या में भूमिहीन किसान सैकड़ों ट्रैक्टर लेकर पहुंचे । ट्रैक्टर में वे मवेशियों के साथ ही टेंट तंबू और कनात भी रखे थे। उन्होंने टेंट लगाना शुरू किया तब तक स्थानीय ग्रामीण भी इकट्ठे हो गए। बाहर से आए किसानों ने बताया कि वे भूमिहीन किसान हैं। भू दान आंदोलन संगठन के लोग भी साथ में थे। उन्होंने कहा कि उनके पास कागजात हैं कि ये जमीनें भू दान आंदोलन में दान की गई थीं। अब यह यह जमीन भूमिहीन किसानों की हैं।

इतना सुनते ही स्थानीय ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने बाहर से आए लोगों पर हमला कर दिया। इससे वहां भगदड़ मच गई। स्थानीय किसानों ने भू दान आंदोलन के सदस्यों की कार पलट दी। उन्हें बाहर निकालकर जमकर पीटा गया। हमले में भू दान विनियोजन आंदोलन की अध्यक्ष शिमला श्री त्रिपाठी, मुख्य सचेतक बृजेश सक्सेना, सत्येंद्र कुमार तिवारी, रत्नाकर मणि को चोटें आई हैं। तब तक मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस को देखते ही भूमिहीन किसान वापस होने लगे। आंदोलन से जुड़े लोगों को थाने लाया गया। भूमिहीन किसानों ने बताया था कि जमीन दिलाने के नाम पर छह सौ रुपये रजिस्ट्रेशन का लिया गया है। आंदोलन के पदाधिकारियों ने वादा किया था कि मात्र छह हजार रुपये प्रति बीघा में वे जमीन दिला देंगे। 
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भू दान आंदोलन के सदस्यों ने कहा, भूमिहीनों को जमीन दिलाएंगे 
भू दान विनियोजन आंदोलन के सदस्यों का कहना है कि उनका संगठन प्रदेशव्यापी आंदोलन चला रहा है। जिस जमीन पर आज भूमिहीन पहुंचे थे, वे भू दान की जमीन है। उनके पास इस बात से सुबूत हैं। हालांकि वे सुबूत पुलिस को नहीं दिखा पाए। इंस्पेक्टर का कहना है कि संगठन के लोग फरुक्खाबाद, बलिया और महाराजगंज से आए हैं। दो झूंसी के रहने वाले हैं। फिलहाल पूछताछ की जा रही है। 

‘बेमियादी अनश के लिए पहुंचे थे, ग्रामीणों ने हमला किया’ 
भू-दान विनियोजन आंदोलन के प्रवक्ता अरविन्द कुमार त्रिपाठी का कहना है कि भू-दान की जमीन पर हक की मांग को लेकर बेमियादी आमरण अनशन शुरू करने के लिए हजारों भूमिहीन लोगों के साथ गोरैया पहाड़ी पर पहुंचे थे लेकिन ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। किसी तरह जान बचाकर भागा गया। कई लोगों को चोट पहुंची है। 
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