मोती लाल नेहरू (एमएलएन) मेडिकल कॉलेज में दो साल के भीतर दो रेजिडेंट डॉक्टरों की मौत के बाद काफी हलचल है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज के भीतर मानसिक तनाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इस बीच यह भी बात सामने आई है कि पिछले एक साल के भीतर अलग-अलग विभागों के करीब तीन रेजिडेंट डॉक्टरों ने आत्महत्या का प्रयास किया है।
इनमें दो रेजिडेंट स्त्री रोग विभाग व एक साइकेट्री विभाग से हैं। हालांकि, समय रहते उपचार मिलने से इनकी जान बच गई। कई स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि जरूरत से ज्यादा काम और मानसिक तनाव के चलते इस प्रकार की समस्याएं सामने आ रही हैं। इसके लिए रेजिडेंट डॉक्टरों पर शिकायत न करने का दबाव बनाया जाता है।
इसके कारण वे अपनी बात किसी से कह नहीं पाते और अंदर ही अंदर घुटते रहते हैं। कुछ लोगों ने यह भी बताया कि पिछले साल साइकेट्री विभाग में थ्योरी पास कर चुके रेजिडेंट को मनमाने तरीके से प्रैक्टिकल में फेल कर दिया गया। फिलहाल, अब मेडिकल कॉलेज ने स्पेशल ओरिएंटेशन कार्यक्रम शुरू किया है, ताकि मानसिक तनाव को कम किया जा सके।
तीन रेजिडेंट के आत्महत्या के प्रयास का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। रेजिडेंट डॉक्टरों के मानसिक तनाव को कम करने के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम की शुरूआत की गई है, ताकि उनकी समस्याएं मेरे संज्ञान में रहें।
- डॉ. वीके पांडेय, प्राचार्य, एमएलएन मेडिकल कॉलेज