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एमबीबीएस दाखिला रैकेट मामला: पुलिस की लापरवाही से ठग गिरोह बेधड़क करता रहा वारदात

Tue, 15 Jun 2021 01:03 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
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एमबीबीएस में दाखिला के नाम पर 17 लाख की ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य पुलिस की लापरवाही से लोगों की गाढ़ी कमाई उड़ाते रहे। दरअसल जिला पुलिस पहले नींद से जागी होती तो आरोपी पहली ही वारदात केबाद पकड़ लिए गए होते। प्रतापगढ़ निवासी पीड़ित फरवरी से गुहार लगाता रहा लेकिन कार्रवाई की बजाय उसे इधर उधर दौड़ाया जाता रहा। नतीजा यह हुआ कि न बेधड़क होकर ठग गिरोह ने न सिर्फ अन्य जनपदों बल्कि प्रयागराज मेडिकल कॉलेज में ही एक और वारदात को अंजाम दिया।
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प्रतापगढ़ निवासी सुरेंद्र यादव से एमबीबीएस सीट पर बेटी केदाखिले केनाम पर नोएडा के ठग गिरोह ने 17 लाख की ठगी को अंजाम दिया। पीड़ित की ओर से पुलिस को बताया गया कि गिरोह केसदस्यों ने 18 दिसंबर 2020 को उसकी बेटी को मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में बुलाकर फर्जी काउंसलिंग कराई। साथ ही नगद 11 लाख रुपये भी लिए। इसकेबाद शेष रकम भी विभिन्न किश्तों में ले लिए गए। बाद में बहाना बनाकर दाखिला न करा पाने की बात कहते हुए रुपये वापस करने का वादा किया लेकिन तय तिथि केबाद नंबर ही बंद कर लिया। 16 फरवरी के बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की।

इस दौरान वह अफसरों व कोतवाली पुलिस से मिला लेकिन उसकी नहीं सुनी गई और वह इधर उधर भटकता रहा। उधर बेधड़क होकर ठग गिरोह केसदस्यों ने न सिर्फ अन्य जिलों बल्कि मेडिकल कॉलेज में आकर दोबारा बरेली निवासी रिटायर शिक्षक गोवर्धन लाल श्रीवास्तव से पौत्र-पौत्री का दाखिला कराने केनाम पर 34 लाख रुपये हड़प लिए। जिसकी रिपोर्ट उन्होंने बरेली में दर्ज कराई। सूत्रों का कहना है कि इस मामले की जानकारी भी बरेली पुलिस की ओर से दी गई लेकिन जिला पुलिस ने उसे गंभीरता से नहीं लिया।
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नतीजतन ठग गिरोह केसदस्य इसकेबाद भी एमबीबीएस में दाखिले केनाम पर लोगों को चूना लगाते रहे। इससे साफ है कि पुलिस सतर्क होती तो गिरोह पर पहले ही शिकंजा कसा जा सकता था। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह का कहना है पूर्व में उसने शिकायत की थी या नहीं, इसकी जानकारी नहीं है। करीब 15 दिन पहले पीड़ित उनसे मिला था, उसकी शिकायत पर प्रांरभिक जांच केबाद मामला दर्ज कर लिया गया। जांच की जा रही है।

सोमवार को नहीं दी जा सकी अर्जी
उधर नोएडा जेल में बंद गिरोह के सदस्यों के रिमांड के लिए सोमवार को कोर्ट में अर्जी नहीं दी जा सकी। दरअसल मामले की विवेचना में जुटी कोतवाली पुलिस की एक टीम आरोपियों केसंबंध में जानकारी जुटाने केलिए दो दिन पहले नोएडा गई हुई थी जो अब तक वापस नहीं आई है। पुलिस अफसरों का कहना है कि टीम के वापस आने केबाद ही कोर्ट में रिमांड के लिए अर्जी दी जाएगी। 
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