शाहगंज की पत्थरगली स्थित मयंक नर्सिंग होम को स्वास्थ्य विभाग ने सील करा दिया है। बिना रिपोर्ट आए कोरोना पॉजिटिव डफरिन अस्पताल की महिला कर्मचारी का ऑपरेशन से प्रसव कराने के मामले में यह कार्रवाई की गई है। महिला की सर्जरी करने वाले डॉक्टर और उसे बेहोशी का इंजेक्शन देने वाले एने
एनेस्थेटिक की तलाश है। अस्पताल से सर्जरी संबंधी रिकार्ड भी गायब कर दिए गए हैं। सीएमओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेई के मुताबिक मयंक नर्सिंग होम संचालक कोरोना पॉजिटिव पाए गए। उन्हें पत्नी और बच्चों के साथ एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं उनके अस्पताल में डफरिन की महिला कर्मचारी का प्रसव कराने के मामले की जांच की जा रही है।
डॉ. बाजपेयी के मुताबिक अस्पताल को सैनिटाइज कराकर सील करा दिया गया है। इससे पहले वहां टीम भेजकर पड़ताल कराई गई लेकिन महिला की सर्जरी संबंधी रिकार्ड नहीं मिले। सर्जरी करने वाले डॉक्टर और बेहोशी का इंजेक्शन लगाने वाले डॉक्टर का नाम अस्पताल प्रबंधन ने नहीं बताया। जांच की जा रही है। दोनों चिकित्सकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले में मरीज की जान के साथ खिलवाड़ किए जाने की बात सामने आई है। बिना कोविड जांच रिपोर्ट आए महिला की सर्जरी की गई। ऑपरेशन के बाद चिकित्सक बिना देखरेख किए उसे छोड़कर चले गए। अस्पताल में चिकित्सकों के नाम बताने में भी गुरेज की जा रही है। फिलहाल जांच तक अस्पताल सील रहेगा।
अस्पताल पहुंचे मरीजों का जुटाया जा रहा ब्योरा
पत्थर गली स्थित मयंक नर्सिंग होम संचालक और एक प्रसूता के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से वहां एक सप्ताह तक इलाज कराने आए मरीजों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। सभी मरीजों की स्क्रीनिंग कर उन्हें होम क्वारंटीन किए जाने की तैयारी है। वहीं संक्रमित संचालक के साथ प्रसूता के संपर्क में आए परिवारीजनों को एसआरएन के सस्पेक्टेड वार्ड में भर्ती कराया गया है। अब अस्पताल कर्मचारियों की भी स्क्रीनिंग कराई जाएगी।
सीएमओ के मुताबिक अब तक की जांच में सामने आने के बजाय अस्पताल से जुड़े कर्मचारी खुद को कोविड जांच से बचाने के लिए छिप रहे हैं।