अमर उजाला में छपी खबर के आधार पर कार्रवाई, बिना योग्यता संचालक ने कर दिया था ऑपरेशन, हलफनामा भी झूठा
प्रयागराज। मऊआइमा में ऑपरेशन के बाद प्रसूता की मौत के मामले में अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। अमर उजाला के सोमवार के अंक में छपी खबर को संज्ञान में लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने यह कार्रवाई की।
मऊआइमा के अजरा नर्सिंगहोम में रविवार को प्रसूता की ऑपरेशन के बाद मौत हो गई। ऑपरेशन अस्पताल के संचालक तथा उनकी पत्नी ने किया था। जबकि, उनके पास इसकी योग्यता नहीं है। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। शव लेकर वे थाने भी पहुंच गए थे। इसके बाद संचालन दंपति के खिलाफ मुकदमा लिखा गया। अमर उजाला के सोमवार के अंक में ‘झोलाछाप के ऑपरेशन से प्रसूता की मौत, मुकदमा हुआ दर्ज’ शीर्षक से छपी खबर को संज्ञान में लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जांच बैठा दी। प्रथम दृष्टतया जांच में अस्पताल संचालन की लापरवाही सामने आई है। जांच में पाया गया कि संचालक दंपति डॉ. रुखसाना बानो और डॉ. सईद अहमद ने प्रसूता का ऑपरेशन किया। जबकि, उनके पास इसके लिए वैध डिग्री नहीं है। संचालक पर झूठा शपथपत्र लगाने का भी आरोप है। इस आधार पर अस्पताल का पंजीकरण निलंबित कर दिया गया है।