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मैथिली भाषियों को एकसूत्र में पिरोने का संकल्प

Mon, 28 Nov 2016 01:50 AM IST
अमर उजाला, इलाहाबाद
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allahabad
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देश के कोने-कोने में मैथिलीजन बसे हैं लेकिन उनके बीच मैथिली में संवाद शून्य है। भाषा की समृद्धि के लिए अधिक से अधिक संवाद जरूरी है। मैथिली भाषियों को एकसूत्र में पिरोया जाएगा। यह संकल्प रविवार को मिथिला सांस्कृतिक संगम की ओर से राजर्षि मंडपम सभागार में आयोजित विद्यापति स्मृति पर्व-2016 में लिया गया। पहले साहित्यिक सत्र में ‘आधुनिक मैथिली भाषा एवं साहित्य- दशा एवं दिशा’ विषयक संगोष्ठी में बतौर अध्यक्ष ग्रामोदय विश्वविद्यालय चित्रकूट के डा. जयशंकर मिश्र ने मैथिली भाषा के प्रभाव और प्रसार में कमी आने पर चिंता व्यक्त की। कहा, मैथिली भाषाभाषियों के मैथिली में आपसी संवाद से ही इसका विस्तार होगा। संस्था के अध्यक्ष न्यायमूर्ति धरणीधर झा, संजीव मिश्र, मुकेश कुमार झा, विधुकांत मिश्र ने भी मैथिली के विकास के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने की बात कही।
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राजर्षि टंडन मंडपम सभागार में हुए समारोह के दौरान मेधावियों का सम्मान एवं आर्थिक रूप से कमजोर पांच छात्रों को छात्रवृत्ति दी गई। संस्था की स्मारिका का लोकार्पण भी किया गया। बतौर विशिष्ट अतिथि डीएम रामपुर अमित किशोर ने मैथिली समाज के उत्थान के लिए कार्य योजना तैयार किए जाने की जरूरत बताई। कुंजबिहारी मिश्र एवं साथियों ने गीत-संगीत, नृत्य की प्रस्तुतियों से मंत्रमुग्ध किया। आरंभ में मुख्य अतिथि डीएम रायबरेली अनुज कुमार झा एवं न्यायमूर्ति धरणीधर झा ने दीप जलाकर एवं महाकवि विद्यापति की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके कार्यक्रम का उद्घाटन किया। सचिव अखिलेश झा ने संचालन एवं विषय प्रवर्तन और नारायण झा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में गंगा प्रसाद ठाकुर, नरेंद्र झा, सुनील झा आदि मौजूद थे।
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