निबंधन कार्यालयों में विवाह पंजीकरण अब नई व्यवस्था के अंतर्गत होंगे। आईजी स्टाम्प की ओर से नई गाइडलाइन तैयार कर ली गई है। इसे एक-दो दिन में लागू कर दिया जाएगा। विवाह पंजीकरण में फर्जीवाड़े की शिकायतें लगातार आ रही हैं। खासतौर पर भागकर शादी करने के मामले में इस तरह के विवाद ज्यादा सामने आए हैं। इतना ही नहीं आर्य समाज के नाम पर फर्जी सर्टिफिकेट जारी करने की भी शिकायतें हैं। इसके विपरीत विवाह पंजीकरण सत्यापन की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में कई तरह के विवाद खड़े हो गए हैं। इसके अलावा विवाह पंजीकरण कराने वाले रैकेट के सक्रिय होने की भी आशंका है।
इस तरह के फर्जीवाड़े की रोकथाम के लिए नई नियमावली बनाने का निर्णय लिया गया है। न्यायालय के आदेश के क्रम में शासन के स्तर पर विवाह पंजीकरण की नई नियमावली तैयार की जाएगी। तब तक के लिए निबंधन विभाग को नई गाइडलाइन तैयार करने और उसी के अनुसार विवाह पंजीकरण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में निबंधन कार्यालय की ओर से नई गाइडलाइन तैयार भी कर ली गई है।
इस बाबत आदेश जारी होने तक अफसर इस बारे में फिलहाल बोलने स बच रहे हैं। हालांकि, इसमें कई नई शर्तें शामिल करने की बात कही जा रही है। इसके अनुसार पंजीकरण के लिए माता-पिता का होना अनिवार्य होगा। मूल निवास वाले जिले में ही पंजीकरण होगा। कुछ शर्तों के साथ ही छूट होगी। कई अन्य शर्तें भी लागू की गई हैं। एआईजी स्टाम्प राकेश चंद्रा का कहना है कि नियमावली को अंतिम रूप दिया जा रहा है। एक-दो दिन में नई गाइडलाइन लागू कर दी जाएगी। नई नियमावली के बनने तक इसी गाइडलाइन के तहत विवाह पंजीकरण होंगे।
प्रयागराज में हुए 2519 रजिस्ट्रेशन, प्रदेश में पांचवां स्थान
एक साल में विवाह पंजीकरण के मामले में प्रयागराज प्रदेश में पांचवें स्थान पर है। निबंधन कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार पूरे प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2023-224 में 1,00,156 जोड़ों ने विवाह पंजीकरण कराया। इनमें से सबसे अधिक गाजियाबाद में 29,022 पंजीकरण हुए। वहीं प्रयागराज में 2519 जोड़ों ने विवाह पंजीकरण कराया। लखनऊ में 8001, कानपुर में 7094, आगरा में 3630, गोरखपुर में 2284 विवाह पंजीकरण हुए।