वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को सदन में केंद्रीय बजट पेश किया। सोमवार को प्रयागराज के बाजारों में इसकी सरगर्मी देखने को मिली। व्यापारियों ने बजट को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। ज्यादातर व्यापारियों का मानना है कि यह बजट औसत है और इससे स्थानीय बाजारों या छोटे व्यापारियों को कोई खास फायदा नहीं मिलेगी। हालांकि, कुछ व्यापारियों ने इसे बेहतर भी बताया। इनकम टैक्स की सीमा न बढ़ाए जाने पर व्यापारियों ने निराशा भी जताई।
ऑटो पार्ट्स की जीएसटी नहीं की गई कम
- वर्तमान में मोटर वाहन के पार्ट्स के लिए 18 फीसदी जीएसटी ली जा रही है। हम व्यापारियों द्वारा इसे पांच फीसदी किए जाने की मांग की जा रही थी लेकिन बजट में ऐसा नहीं हुआ। वित्त मंत्री द्वारा पेश किया गया बजट मध्यम दर्जे का है। कैंसर की दवा का दाम कम करना सराहनीय कदम है। इनकम टैक्स की सीमा न बढ़ाना निराशाजनक है। 00 सुशील खरबंदा, अध्यक्ष सिविल लाइंस व्यापार मंडल
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर विकास का प्रमुख इंजन
- केंद्रीय बजट में पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को विकास के प्रमुख इंजन के रूप में स्वीकार किया जाना स्वागत योग्य है। पर्यटन अवसंरचना, कनेक्टिविटी और स्किल डेवलपमेंट पर विशेष जोर देने से देश में रोजगार सृजन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, होटल उद्योग को अभी भी जीएसटी युक्तिकरण, इनपुट टैक्स क्रेडिट की बहाली तथा होटल परियोजनाओं को पूर्ण अवसंरचना का दर्जा दिए जाने जैसे सुधारों की अपेक्षा है।
- हरजिंदर सिंह, अध्यक्ष, प्रयागराज होटल एंड रेस्टोरेंट वेलफेयर एसोसिएशन
सरकार ने उद्योगों को दिया प्रोत्साहन
- ऑनलाइन कारोबार की वजह से ऑफलाइन कारोबार की गति धीमी होती जा रही है। कैंसर की दवाओं के दाम कम करना स्वागतयोग्य है। उद्योगों को प्रोत्साहन दिया गया है। इससे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। कस्टम ड्यूटी में कटौती से कुछ प्रोडक्ट सस्ते होंगे। इससे आम लोगों को राहत मिलेगी। सरकार ने ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के लिए अनुदान जारी किया है।
- योगेश गोयल, महानगर अध्यक्ष, भारतीय उद्योग व्यापार मंडल
छोटे और मझोले वर्ग के लोगों के हाथ रह गए खाली
- बजट निराशाजनक रहा। छोटे और मझोले वर्ग के लोगों के साथ ही व्यापारियों के भी हाथ खाली रह गए। टैक्स चोरी के विभिन्न मामलों में कार्रवाई के बजाय रियायत एवं राहत देने की बात ठीक नहीं है। इससे ईमानदार लोगों में रोष है। मेरा यही मानना है कि टैक्स चोरी मानवीय भूल नहीं है। यह संगठित अपराध की श्रेणी में आता है। कुल मिलाकर बजट ने काफी निराश किया।
00 राजीव कृष्ण श्रीवास्तव, व्यापारी नेता, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ।
सुशील खरबंदा
सुशील खरबंदा
सुशील खरबंदा