इलाहाबाद के निकट अंदावा में 31 मई को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में होने वाला विराट किसान सम्मेलन कई मायनों में महत्वपूर्ण साबित होगा। चर्चा है कि रैली में बसपा और सपा के कई नेता पार्टी का दामन थाम सकते हैं। इसमें कई ऐेसे हैं जो पूर्व में भाजपा में रह चुके हैं सो उनकी घर वापसी की तैयारी है। फिलहाल जो नाम सामने आए हैं, इसमें बसपा से पार्टी के दो पूर्व विधायक, बसपा सरकार में मंत्री रहे एक नेता की पत्नी एवं सपा के एक अन्य नेता का नाम शामिल है।
असम चुनाव में मिली जीत के बाद भाजपा की निगाह अब यूपी के मजबूत किले को फतह करने की है। अगले साल यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी नेताओं ने तैयारी शुरू कर दी है। जिले की सभी विधानसभाओं से दावेदार अपनी उम्मीदवारी पेश करने में जुट गए हैं। इस बीच अगले माह इलाहाबाद में बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद भाजपा के अलावा अन्य दलों के नेता भी खासे सक्रिय हो गए हैं। इसमें से कई ऐसे भी हैं जो बीजेपी का दामन थामने के लिए पूरा जोर शोर लगा रहे हैं।
चर्चा है कि बसपा के एक पूर्व विधायक ही काफी दिनों से इसकी तैयारी में जुटे हैं। शहर में उन्होंने अमित शाह के स्वागत के लिए होर्डिंग भी लगवा दिए हैं। सम्मेलन के दिन ही यह भाजपा ज्वाइन कर सकते हैं। इसके अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य की ही बिरादरी से जुड़े सपा सरकार के पूर्व मंत्री भी भाजपा ज्वाइन करेंगे। सपा के ही टिकट पर शहर की एक विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके एक अन्य नेता के भी भाजपा से जुड़ने की चर्चा है। बसपा सरकार में मंत्री रह चुके नेता की पत्नी एवं गंगापार की एक विधानसभा सीट से बसपा के पूर्व विधायक के भी भाजपा से जुड़ने की संभावना है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्र देव पांडेय कहते हैं, मोदी सरकार की नीतियों की वजह से ही अब विपक्षी दलों के नेताओं का भाजपा की ओर झुकाव बढ़ा है।