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जिला पंचायत सदस्य : आरक्षण से कई दिग्गजों को लगा झटका, दूसरी सीट से करनी पड़ेगी दावेदारी

Thu, 04 Mar 2021 01:16 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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prayagraj news : पंचायत चुनाव - फोटो : prayagraj
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आरक्षण तय होने के बाद कई निवर्तमान जिला पंचायत सदस्यों को निराश होना पड़ा है तो कई को अपना क्षेत्र बदलना पड़ेगा। इस सूची में जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं रेखा सिंह भी शामिल हैं। हालांकि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सांसद केशरी देवी पटेल के परिवार के लोग अपनी परंपरागत सीट से ही दावेदारी कर सकेंगे।

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पिछले चुनाव में रेखा सिंह ने कोरांव प्रथम तथा मांडा चतुर्थ सीट से दावेदारी की थी और दोनों ही सीट से विजयी हुईं थीं। मांडा चतुर्थ सीट से इस्तीफा देने के बाद उनके पति अशोक सिंह सदस्य निर्वाचित हुए। अब यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गई है। मांडा प्रथम भी पिछड़ी जाति तथा द्वितीय अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। ऐसे में रेखा सिंह के मांडा तृतीय से दावेदारी की उम्मीद है। उनकी ओर से आरक्षण की सूची जारी होने के बाद मांडा तृतीय से चुनाव लड़ने की दावेदारी भी कर दी गई है।

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जिला पंचायत - फोटो : अमर उजाला
वहीं शंकरगढ़ तृतीय से सांसद केशरी देवी पटेल सदस्य निर्वाचित होती रहीं। सांसद बनने के बाद उनकी बहू ऋचा सिंह इस सीट पर निर्विरोध निर्वाचित हुईं। यह सीट इस बार भी पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित है। शंकरगढ़ द्वितीय भी पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित हो गई है। इस सीट पर भी केशरी देवी की दूसरी बहू के दावेदारी की बात कही जा रही है।

जिला पंचायत सदस्य के आरक्षण में बदलाव से कई दिग्गज नेताओं को भी झटका लगा है। करछना द्वितीय से और तृतीय से सपा के वरिष्ठ नेता राज्यसभा सदस्य रेवती रमण सिंह के करीबी के चुनाव लड़ने की चर्चा रही। सपा की ओर से उन्हें अध्यक्ष पद के लिए भी दावेदार माना जा रहा है। इन दोनों ही क्षेत्रों में रेवती रमण की अच्छी पकड़ है।

ऐसे में जीत भी सुनिश्चित मानी जा रही थी लेकिन दोनों ही सीट आरक्षित हो गई है। ऐसे में अब उन्हें दूसरी सीट पर जाने के अलावा क्षेत्र में पकड़ भी बनानी होगी। इसके अलावा सपा के वरिष्ठ नेता के पुत्र भी हंडिया एवं उरुवा की किसी सीट से दावेदारी कर रहे हैं। उन्हें भी अध्यक्ष पद का दावेदार माना जा रहा है। ऐसे में जिला पंचायत सदस्य के आरक्षण में उलटफेर से अध्यक्ष पद के समीकरण भी बदल गए हैं।
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