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रेलवे : मालगाड़ी हादसे के बाद फंसी वंदे भारत समेत कई ट्रेनें, संगम और हमसफर निरस्त

Sun, 23 Oct 2022 07:54 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इस बीच ट्रेनों का संचालन अस्त व्यस्त होने यात्रियों को काफी परेशानी हुई। पर्व के मौके पर ट्रेनों के लेट होने से हजारों यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचने में लेट हो गए।
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Prayagraj News : ट्रेनों के निरस्त होने बाद यात्री हुए परेशान। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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दिल्ली-हावड़ा रूट के कानपुर-फतेहपुर रेलखंड में हुए मालगाड़ी हादसे के बाद ट्रेनों का संचालन बाधित हो गया। सुबह हुए इस हादसे के बाद प्रयागराज-कानपुर रूट की तमाम ट्रेनें डायवर्ट कर दी गई। कानपुर जा रही चौरीचौरा एक्सप्रेस को जहां खागा में रोककर वापस प्रयागराज भेज दिया गया तो वहीं वंदे भारत एक्सप्रेस ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर (ईडीएफसी) के रास्ते प्रयागराज के लिए चलाई गई। उधर रेलवे ने मेरठ जाने वाली संगम एक्सप्रेस, नई दिल्ली जाने वाली हमसफर समेत कुल छह ट्रेनें निरस्त कर दीं।

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इस बीच ट्रेनों का संचालन अस्त व्यस्त होने यात्रियों को काफी परेशानी हुई। पर्व के मौके पर ट्रेनों के लेट होने से हजारों यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचने में लेट हो गए। दरअसल रविवार की सुबह ही फतेहपुर के निकट रमवा रेलवे स्टेशन के यार्ड पर सुबह 10.25 बजे पंडित  दीन दयाल उपाध्याय स्टेशन की ओर जा रही मालगाड़ी के 29 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। इस वजह से प्रयागराज-कानपुर रेलखंड की अप एंड डाउन लाइन पर रेल संचालन बाधित हो गया। राहत भरी बात यह रही कि इस हादसे में  किसी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हुई, लेकिन त्योहार के मौके पर अपने घर की तरफ जा रहे हजारों यात्रियों की राह जरूर मुश्किल हो गई। 

Prayagraj News : ट्रेनों के निरस्त होने के बाद परेशान हुए यात्री। - फोटो : अमर उजाला।
उधर हादसे की सूचना मिलने के बाद डीआरएम प्रयागराज मोहित चंद्रा भी रमवा पहुंच गए। उनके वहां पहुंचने से पहले ही कानपुर और प्रयागराज से एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन को भी मौके पर भेज दिया गया। हादसे की वजह से कानपुर जा रही चौरीचौरा को खागा में ही रोक दिया गया। बाद में ट्रेन वापस प्रयागराज भेज दी गई। रविवार की रात ट्रेन प्रयागराज से ही गोरखपुर के लिए रवाना होगी।


उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि इस हादसे की वजह से वंदे भारत समेत दो दर्जन से ज्यादा के संचालन पर असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि ट्रेनों को डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर शिफ्ट कर दिया जाए ताकि यात्रियों को असुविधा ना हो। उन्होंने कहा कि पटरी से उतरे वैगन को वापस ट्रैक पर चढ़ाने का शुरू हो गया है ।



Prayagraj News : ट्रेनों के निरस्त होने के बाद परेशान हुए यात्री। - फोटो : अमर उजाला।
फ्रेट कॉरीडोर ने दे दी राहत, वंदे भारत समेत कई ट्रेनों को मिला रास्ता 
फतेहपुर के रमवा में हुए मालगाड़ी हादसे के बाद ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर बड़ी राहत लेकर आया। दिवाली के मद्देनजर ट्रेनों में भीड़ को देखते हुए एवं यात्रियों को उनके गंतव्य तक जल्द से जल्द पहुंचाने के लिए उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन प्रयागराज-कानपुर रूट की कई ट्रेनें फ्रेट कॉरीडोर में शिफ्ट कर दी। इस रूट से सबसे पहले 22436 वंदे भारत एक्सप्रेस को निकाला गया। जो पांच घंटे की देरी से शाम 5.06 बजे प्रयागराज पहुंची।


इसकेे अलावा ईडीएफसी रूट से 12506 आनंद विहार-गुवाहाटी नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस, 12488 आनंद विहार-जोगबनी सीमांचल एक्सप्रेस, 15483 महानंदा एक्सप्रेस , 18309 संभलपुर-जम्मू तवी , 12311 हावड़ा-कालका नेताजी एक्सप्रेस , 22805 भुवनेश्वर- आनंद विहार, 12487 जोगबनी- आनंद विहार, 12307 हावड़ा- जोधपुर, 12505 नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस , 22436 वंदे भारत एक्सप्रेस ,  04076 अमृतसर-पटना , 22308 बीकानेर- हावड़ा, 12312 कालका- हावड़ा नेताजी एक्सप्रेस, 15484 महानंदा एक्सप्रेस , 12324 बाड़मेर-हावड़ा, 04142 उधमपुर-सूबेदारगंज , 04058 दिल्ली-भागलपुर आदि ट्रेन भी चलाई गईं। वहीं दूसरी 15658 कामख्या-दिल्ली वाराणसी से ऊंचाहार, 12304 नई दिल्ली -हावड़ा, 14006 आनंद विहार-सीतामढ़ी लिच्छवी वाराणसी-लखनऊ-कानपुर, 12428 आनंद विहार-रीवा  वाया मितावली-आगरा कैंट-बांदा के रास्ते चलाई गई।
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इन ट्रेनों का रहा निरस्तीकरण
हादसे के बाद रेलवे ने छह ट्रेनों के निरस्तीकरण का एलान कर दिया। जिन ट्रेनों को निरस्त किया गया उसमे 14163 प्रयागराज जंक्शन-मेरठ सिटी संगम एक्सप्रेस, 12275 प्रयागराज-नई दिल्ली हमसफर एक्सप्रेस, 22441 चित्रकूट धाम कर्वी -कानपुर इंटरसिटी, 22442  कानपुर - चित्रकूट धाम कर्वी, 04182 कानपुर- सूबेदारगंज मेमू आदि प्रमुख रूप से शामिल रही। हमसफर और संगम निरस्त होने की वजह से यात्रियों को खासी परेशानी हुई। हिम्मतगंज की उर्वशी भरद्वाज ने बताया कि उन्हें दिवाली पर अपने घर हापुड़ पहुंचना था, लेकिन ट्रेन निरस्त कर दी गई। रेलवे चाहता तो संगम वाया ऊंचाहार चलाई जा सकती थी।
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