मधुमक्खी के हमले की सूचना पर पहुंची पुलिस।
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पीपल के पेड़ पर बने मधुमक्खियों के छत्ते से निकली मधुमक्खियों ने ग्रामीणों पर हमला बोल दिया। यह हमला इतना तीव्र था कि गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। हमले में कई ग्रामीण घायल हुए, जिनमें एक बुजुर्ग की हालत गंभीर बताई जा रही है।
कहली के मुशहर बस्ती में स्थित एक पीपल के पेड़ पर मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता बना हुआ था। रविवार सुबह करीब 9 बजे किसी पक्षी ने उस छत्ते को चोंच मार दी, जिससे मधुमक्खियां भड़क गईं और आसपास मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। हमले में 70 वर्षीय जोखू मुशहरा गंभीर रूप से घायल हो गए। वह पहले से चलने-फिरने में असमर्थ थे, जिससे भाग नहीं सके और मधुमक्खियों के कई डंक झेलने पड़े। ग्रामीणों ने उन्हें किसी तरह बचाकर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना के समय कल्लू पाल के घर में भंडारे का भोजन तैयार हो रहा था, लेकिन मधुमक्खियों के हमले से भयभीत होकर रसोई का सारा काम बंद करना पड़ा और कारीगर जान बचाकर भाग खड़े हुए। ग्रामीणों का कहना है कि मधुमक्खियों के आतंक से कई घंटों तक दहशत का माहौल बना रहा। बाद में जब मधुमक्खियां शांत हुईं, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। घटना की सूचना स्थानीय मऊआइमा थाने हल्का दरोगा गिरीश चंद्र मौर्या, कांस्टेबल कप्तान सिंह कांस्टेबल सुधाकर तिवारी को दी गई मौके पर पहुंचकर तत्काल इलाज के लिए मदद की और इलाज के लिए अस्पताल भिजवाए गया।