लोकसभा चुनाव के पूर्व भाजपा ने अपने स्थानीय नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को साधना शुरू कर दिया है। विधानसभा चुनाव और उसके बाद हुए निकाय चुनाव में पार्टी के तमाम नेता अपनी अनदेखी को लेकर नाराज चल रहे थे। उन सभी को मनाने के साथ ही पार्टी ने तमाम स्थानीय नेताओं को प्रदेश संगठन एवं काशी प्रांत में अहम जिम्मेदारी सौंपनी शुरू कर दी है। पार्टी की मंशा है कि चुनाव पूर्व सारे गले शिकवे भूल पार्टी नेता एवं कार्यकर्ता पूरी तन्मयता से मोदी सरकार के प्रचार में जुट जाए। शायद इसी वजह से भाजपा काशी प्रांत ने अपने विभाग, प्रकोष्ठ एवं प्रकल्प के संयोजक एवं सहसंयोजक का दायित्व कई स्थानीय नेताओं को सौंपा है।
काशी प्रांत की ओर से जारी की गई सूची में इलाहाबादियों को तवज्जों दिए जाने से पार्टी कार्यकर्ता भी गदगद है। खास बात यह कि इस सूची में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, डा. रीता बहुगुणा जोशी एवं सिद्धार्थ नाथ सिंह के समर्थकों के साथ पुराने भाजपाइयों को भी तरजीह दी गई है। विभाग की सूची में ट्रस्ट समन्वय विभाग का संयोजक राजेश पांडेय, राष्ट्रीय कार्यक्रमों एवं बैठकें विभाग का संयोजक रामानुज शुक्ला, कानूनी और विधिक विषय विभाग का संयोजक राधाकांत ओझा, मीडिया विभाग में सहसंयोजक नरेश कुंद्रा, मीडिया संपर्क विभाग में सहसंयोजक मृत्युंजय तिवारी, राष्ट्रीय कार्यक्रम एवं बैठके विभाग में सुबोध सिंह एवं आजीवन सहयोग निधि विभाग का सहसंयोजक पदुम जायसवाल को बनाया गया है।
उधर विभिन्न प्रकोष्ठ की बात करें तो विधि प्रकोष्ठ में देवेंद्र मिश्र, स्थानीय निकाय प्रकोष्ठ में गणेश केसरवानी को संयोजक, बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ में डा. रमा सिंह, चिकित्सा प्रकोष्ठ में डा. यूबी यादव, आर्थिक प्रकोष्ठ में रामजी अग्रहरि, व्यापार प्रकोष्ठ में अरुण केसरवानी, मछुआरा प्रकोष्ठ में राकेश निषाद, पंचायत प्रकोष्ठ में महेश्वर, वरिष्ठ नागरिक प्रकोष्ठ में नागेश्वर सिंह को सहसंयोजक का दायित्व दिया गया। इसी तरह प्रकल्प में दिलीप चौरसिया को कार्यालय आधुनिकीकरण प्रकल्प का संयोजक बनाया। ई-ग्रन्थालय निर्माण प्रकल्प में रवि केसरवानी, राष्ट्रीय महासंपर्क अभियान प्रकल्प में राजू राय, नमामि गंगे प्रकल्प में राजेश शर्मा और राष्ट्रीय सदस्यता अभियान प्रकल्प में कमलेश त्रिपाठी को सहसंयोजक बनाया गया।