महिलाओं ने की अवज्ञा आंदोलन की घोषणा
प्रयागराज। सीएए, एनआरसी तथा एनपीआर के विरोध में मंसूर अली पार्क में महिलाओं का धरना लगातार 62वें दिन जारी रहा। लगातार बारिश और ओलावृष्टि के बावजूद वह पार्क में डटी रहीं तथा जुलूस पहुंचने का क्रम भी जारी रहा। उन्होंने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने के साथ अवज्ञा आंदोलन की भी घोषणा की।
संबोधन के दौरान महिलाओं ने घोषणा की कि नागरिक अवज्ञा करते हुए वह एनपीआर का फार्म नहीं भरेंगी। इस पर लगने वाला एक हजार रुपये का जुर्माना भी नहीं दिया जाएगा। उनका कहना था कि इस मुद्दे पर वह पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। सीएए के विरोध में महिलाओं ने जगह-जगह से जुलूस भी निकाले तथा धरने में शामिल हुईं। इस दौरान निशू, सारा, शिवानी, मानविका, इफरा, फातिमा, प्रीति, इरशाद उल्ला, सै.मो.अस्करी अकीलर्रहमान, सै.मो.शाहाब, अतीक, इब्राहिम, सै.मो. नसीम आदि ने विचार रखे।
मंसूर अली पार्क में बांटे मास्क
कोरोना वायरस से बचाव के लिए हिंदू मुस्लिम सदभाव मंच की ओर से मंसूर अली पार्क में मास्क वितरित किए गए। इस दौरान धरने में शामिल महिलाआें को इस वायरस से बचाव की भी जानकारी दी गई। अध्यक्ष इरशाद उल्ला, सै.मो.अस्करी का कहना था कि कोरोना वायरस से दहशत का माहौल है। बाजार में मास्क की कालाबाजारी शुरू हो गई है। इसलिए पार्क में मुफ्त मास्क वितरित किए गए। अस्करी ने बताया कि जुमे की नमाज के बाद मस्जिदों में कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के लिए दुआएं भी पढ़ी गईं। मास्क वितरण करने वालों में शुऐब अंसारी, उबैद अंसारी, शाहिद अली राजू, मुशीर अहमद, इफ्तेखार अहमद मंदर आदि शामिल रहे।
सीएए के विरोध में वर्कशाप, निकाली जाएगी रैली
नागरिक समाज की ओर से सीएए, एनआरसी तथा एनपीआर के विरोध में कानूनी कार्यशाला और रैली की घोषणा की गई है। शुक्रवार को हुई बैठक में मंसूर अली पार्क में जारी धरने का समर्थन किया गया। साथ ही निर्णय लिया गया कि रविवार को कानूनी कार्यशाला मंसूर अली पार्क में आयोजित की जाएगी। सदस्याें का कहना था कि आंदोलनकारियों के खिलाफ एफआईआर लिखाने के साथ नोटिस भी दिए गए हैं।
इसी बाबत सलाह दी जाएगी। सदस्यों ने उनकी कानूनी लड़ने की भी घोषणा की। डॉ.आशीष मित्तल ने बताया कि शहीद भगत सिंह की शहादत दिवस पर 23 मार्च को प्रभात फेरी तथा रैली निकालने का भी निर्णय लिया गया। प्रभात फेरी अलग-अलग बस्तियों मेें निकाली जाएगी। वहीं रैली पीडी टंडन पार्क से सुभाष चौराहा तक निकाली जाएगी। इसके बाद मंसूर अली पार्क में कार्यक्रम आयोजित होगा। डॉ.आशीष का कहना था कि रैली भगत सिंह के विचारों के सीएए आदि मुद्दों पर निकाली जाएगी।
उधर, नागरिक समाज के एक वर्ग ने आंदोलन खत्म करने की अपील की है। जफर बख्त का कहना है कि सामाजिक कार्यकर्ताओं हर्ष मंदर, अपूर्वानंद, शबनम हाशमी, सईदा हमीद ने शांति की अपील की है। जफर का कहना है कि अंतिम मकसद शांति की स्थापना है लेकिन दिल्ली में दंगे हुए। इस परिपेक्ष्य में आंदोलन के दूसरे तरीकों पर विचार करने की अपील की गई है। कई प्रमुख लोगों ने इस अपील का समर्थन किया है।
जफर का कहना है कि धरने में शामिल लोग उनसे संपर्क करते हैं तो इस पर विचार के लिए वह पार्क में जाने के लिए भी तैयार हैं। इसके विपरीत आंदोलन को लेकर नागरिक समाज के बीच हुए दो मत पर धरने में शामिल महिलाओं की ओर से भी स्पष्टीकरण जारी किया गया है। कहना है कि उनका धरना जारी रहेगा। यह नागरिक समाज का अंदूरनी मामला है। नागरिक समाज एक संगठन है और संगठन में इस तरह के विवाद होते हैं। इससे इस आंदोलन का कोई लेना देना नहीं है।