फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mankameshwar Mandir: निष्कासित होंगे गुटखा, पान-तंबाकू खाकर पूजा कराने वाले पंडित, भक्तों पर भी लागू होगा नियम

Wed, 02 Jul 2025 01:14 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

श्री मनकामेश्वर महादेव मंदिर में सावन के महीने की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक हुई। महंत ब्रह्मचारी श्रीधरानंद महाराज की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई पुजारी शामिल हुए।
विज्ञापन
श्री मनकामेश्वर महादेव मंदिर और महंत ब्रह्मचारी श्रीधरानंद। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

श्री मनकामेश्वर महादेव मंदिर में सावन के महीने की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक हुई। महंत ब्रह्मचारी श्रीधरानंद महाराज की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई पुजारी शामिल हुए। इस दौरान सावन महीने के दौरान मंदिर में होने वाले पूजन-अभिषेक के नियमों पर मुहर लगी। मंदिर में पूजन और अनुष्ठान के दौरान भक्तों के ड्रेस कोड के बाद अब पुजारियों के गुटखा, पान-तंबाकू खाने को लेकर भी सख्त नियम बना दिया गया है। इसके तहत पूजन और अनुष्ठान के दौरान किसी भी पंडित के गुटखा, पान और तंबाकू खाने पर पाबंदी रहेगी।

विज्ञापन


इसका पालन न करने वाले पंडित को एक महीने के लिए निष्कासित कर दिया जाएगा। प्रायश्चित करने पर एक मौका दिया जाएगा। दोबारा पूजन के दौरान ऐसा करने पर हमेशा के लिए मंदिर से निष्कासित कर दिया जाएगा। यह नियम भक्तों पर भी लागू होगा। महंत ब्रह्मचारी श्रीधरानंद महाराज ने कहा कि पूजन के दौरान पंडितों के लिए पान, गुटखा-तंबाकू का सेवन वर्जित रहेगा, क्योंकि इससे मंत्रोच्चार ठीक से नहीं हो पाता है और पूजन में शुद्धता नहीं आ पाती है।

विज्ञापन

उन्होंने कहा कि पूजन और अनुष्ठान के लिए शास्त्रों में नियम और निर्देश स्पष्ट हैं। सभी सनातनियों को उनका पालन करना चाहिए। नियम का पालन किए बिना पूजन और अनुष्ठान का फल नहीं मिलता है। बता दें कि कुछ समय पहले लिए गए भक्तों के ड्रेस कोड के फैसले को भी इस बैठक में एक बार फिर स्पष्ट कर दिया गया। इसमें बताया गया कि पुरुषों को धोती पहनकर ही मंदिर में पूजन और अनुष्ठान करना होगा। धोती के साथ वे शर्ट और कुर्ता पहन सकते हैं।

इसी तरह महिलाओं को साड़ी या सलवार सूट पहनकर ही पूजन और अनुष्ठान करना होगा। पंडितों को भी धोती और कुर्ते में ही पूजा करानी होगी। भक्तों का ड्रेस कोड सावन में लागू होगा और आगे भी जारी रहेगा। इसके साथ ही बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि सभी पूजन और अनुष्ठान निर्धारित समय पर ही होंगे। इनके निरीक्षण के लिए मंदिर प्रशासन की ओर से एक व्यक्ति को नियुक्त किया जाएगा। बैठक का संचालन आचार्य विद्याकांत पांडेय ने किया। बैठक में पुजारी पंडित रामचंद्र शुक्ल, श्रीराम द्विवेदी, भीम पाठक, कमलेश द्विवेदी, रमेश पांडेय, दिलीप तिवारी, उदित त्रिपाठी, सुशील त्रिपाठी, आयुष तिवारी आदि मौजूद रहे।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें