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Prayagraj : गंगा तट पर महात्मा गांधी की लगी आदमकद प्रतिमा, कुंभ से विदा हुए क्रियायोग अनुयायी

Mon, 10 Mar 2025 02:15 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

क्रियायोग सनातन धर्म के वैज्ञानिक प्रशिक्षण में मेला क्षेत्र में रविवार को अंतिम दिन साधकों और अनुयायियों की भीड़ लगी रही। शाम को क्रिया योग गुरु स्वामी योगी सत्यम की अगुवाई में पदयात्रा निकाली गई। शिविर से पैदल मार्च करते हुए अनुयायी मेला क्षेत्र के एमजी मार्ग चौराहे पर पहुंचे, वहां पांच फीट ऊंची महात्मा गांधी की प्रतिमा का स्वामी योगी सत्यम ने अनावरण किया।
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योगी सत्यम ने महात्मा गांधी की आदमकद प्रतिमा का किया लोकार्पण। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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योगावतार स्वामी युक्तेश्वर गिरि के महासमाधि दिवस पर रविवार को गंगा तट पर क्रियायोग गुरु स्वामी योगी सत्यम ने महात्मा गाधी की प्रतिमा का अनावरण किया। महात्मा गांधी मार्ग पर पांच फीट ऊंची प्रतिमा क्रियायोग आश्रम एवं अनुसंधान संस्थान की ओर से लगाई गई। अनावरण के मौके पर स्वामी योगी सत्यम ने कहा कि महाकुंभ को एकता के महायज्ञ के रूप में प्रस्तुत करने की सांस्कृतिक घटना आने वाले समय में युग परिवर्तन की साक्षी बनेगी।

 

क्रियायोग सनातन धर्म के वैज्ञानिक प्रशिक्षण में मेला क्षेत्र में रविवार को अंतिम दिन साधकों और अनुयायियों की भीड़ लगी रही। शाम को क्रिया योग गुरु स्वामी योगी सत्यम की अगुवाई में पदयात्रा निकाली गई। शिविर से पैदल मार्च करते हुए अनुयायी मेला क्षेत्र के एमजी मार्ग चौराहे पर पहुंचे, वहां पांच फीट ऊंची महात्मा गांधी की प्रतिमा का स्वामी योगी सत्यम ने अनावरण किया। इस दौरान विश्व समुदाय से आए हुए साधकों के बीच इस प्रतिमा अनावरण का सीधा प्रसारण यूट्यूब के माध्यम से भी किया गया। इसमें यूट्यूब के जरिए काफी संख्या में भी विदेशी अनुयायी जुड़े रहे।

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योगी सत्यम ने महात्मा गांधी की प्रतिमा का किया लोकार्पण। - फोटो : अमर उजाला।
क्रियायोग शिविर का शुभारंभ 27 जनवरी को काफी विलंब से हुआ था। इस वजह से क्रियायोग शिविर में प्रशिक्षण समय से शुरू नहीं हो पाया था । काफी संख्या में विदेशी साधकों के आने की वजह से क्रियायोग गुरु स्वामी योगी सत्यम ने मेला प्रशासन से शिविर का विस्तार करने का आग्रह किया था।

उन्होंने बताया कि मृत्युंजय महावतार बाबा के संरक्षण में ज्ञानावतार स्वामी युक्तेश्वर गिरि की रचित पुस्तक कैवल्य दर्शनम अलौकिक सदग्रंथ है । इसके अनुसरण और अभ्यास से मनुष्य परमब्रह्म के साथ शाश्वत एकता की अनुभूति कर सही मार्ग पर चल पाता है। क्रियायोग के सम्यक अभ्यास से मनुष्य के सभी प्रकार के कष्ट हमेशा के लिए दूर हो जाते हैं । इस मौके पर देश-विदेश के सैकड़ों साधक उपस्थित थे।
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