पुलिस ने उसे सर्विलांस के जरिए पकड़ा। पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने मोबाइल एप के जरिए धोखाधड़ी करने का प्रयास किया था। गौरतलब है कि घटना दो अक्तूबर को हुई थी। मनकामेश्वर मंदिर के महंत श्रीधरानन्द ब्रह्मचारी महाराज के पास दोपहर 03:37 मिनट पर जिलाधिकारी के अधिकृत मोबाइल से काॅल कर पहले डीएम बनकर बात की गई।
जिलाधिकारी बनकर मनकामेश्वर मंदिर के महंत से धोखाधड़ी करने का प्रयास मोबाइल एप के जरिए किया गया था। पुलिस ने मेजा निवासी आरोपी अंकित शुक्ला को गिरफ्तार किया तब यह खुलासा हुआ। उसे कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे जमानत पर छोड़ दिया गया। अंकित मेजा के सोरांव का रहने वाला है। वह दो साल पहले भी इसी मामले में अपने साथी संग जेल भेजा जा चुका है।
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पुलिस ने उसे सर्विलांस के जरिए पकड़ा। पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने मोबाइल एप के जरिए धोखाधड़ी करने का प्रयास किया था। गौरतलब है कि घटना दो अक्तूबर को हुई थी। मनकामेश्वर मंदिर के महंत श्रीधरानन्द ब्रह्मचारी महाराज के पास दोपहर 03:37 मिनट पर जिलाधिकारी के अधिकृत मोबाइल से काॅल कर पहले डीएम बनकर बात की गई। फिर निजी सचिव बनकर कहा कि डीएम साहब के गृह जनपद में मंदिर बन रहा है, इसमें सहयोग दीजिए।
बाद में दो अन्य नंबरों से भी कॉल आई। शक होने पर मंदिर के आचार्य रामचंद्र शुक्ला ने कीडगंज थाने में अज्ञात में एफआईआर दर्ज कराई थी। एसीपी राजीव कुमार यादव ने बताया कि विवेचना में साक्ष्यों के आधार पर अंकित शुक्ला को गिरफ्तार किया गया। जमानती धारा होने के चलते उसे कोर्ट से जमानत मिल गई।