भाई ने बताया कि सूरज होली की वजह से घर पर अकेले आया था। तीन चार दिन तक रिश्तेदारों के यहां रुका हुआ था। आरोप है कि उसकी मां ने बुधवार शाम को साजिश के तहत भाई को घर पर बुलाई थी। भाई घर पहुंचकर मां का पैर छू कर उठा ही था कि तभी आरोपी कामता प्रसाद अपनी लाइसेंसी बंदूक से भाई पर ताबड़तोड फायरिंग कर दिया, जिसमें भाई के पेट में दो गोली लगी और आरपार हो गई। इसके बाद उनकी मां और आरोपी वहां से फरार हो गए।
गोली की आवाज सुनकर परिवार समेत पड़ोस के लोग पहुंचे तो उनका भाई खून से लथपथ जमीन पर तड़प रहा था। उसके बाद उसे कौशाम्बी जिला अस्पताल भिजया गया था। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने एसआरएन अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया था। जहां, घटना के चार दिन बाद शनिवार देर रात उनके भाई ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
बेटे ने कहा, 12 साल से उसकी मां आरोपी के साथ रह रही थी
नीरज ने बताया कि उसकी मां 12 साल पहले आरोपी कामता प्रसाद के साथ रहने लगी थी। इसकी वजह से उनके पिता की मानसिक स्थित खराब हो गई। मां के जाने के बाद वह अपने दो भाई और एक बहन को लेकर पंजाब में रहने लगा। पिता घर पर अकेले रहते थे। उन्हें नहीं पता था कि उनकी सगी मां अपने ही बेटे को साजिश के तहत मरवा देगी। उधर, रविवार शाम को वीडियोग्राफी के बीच डॉक्टरों ने शव का पोस्टमार्टम किया। उसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव को अपने साथ लेकर चले गए।