मकर संक्रांति पर संगम में डुबकी लगाने के लिए आस्था का जन सैलाब उमड़ पड़ा है। श्रद्धालुओं का संगम रेती पर हुजूम आधी रात को ही लग गया था। ठंड के बावजूद भोर से ही स्नान और दान करने की होड़ मच गई।
सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने और उत्तरायण होने के साथ ही पुण्य काल में संगम के आठ किमी लंबे घाटों पर डुबकी लगने लगी। स्नान और दान के लिए होड़ मच गई। मकर संक्रांति के मौके पर कड़ी सुरक्षा के बीच अब तक 42 लाख से अधिक भक्त संगममें डुबकी लगा चुके हैं।
मकर संक्रांति पर्व को देखते हुए मंगलवार को ही माघ मेला क्षेत्र में अन्नक्षेत्र खुल गए। जगह-जगह शिविरों में अन्न दान, वस्त्र दान दिन भर चला। संतों, संन्यासिनियों के अलावा भक्तों ने संगम पर स्नान के साथ ही दान किया।
सुलेमसराय में भी शिविर लगाया गया। यहां दिन भर तिलकुट व तिल से बनी अन्य वस्तुओं का दान किया जाता रहा। जगदीश रैंप के पास महामंडलेश्वर प्रेम दास महाराज के बालाजी आश्रम शिविर में अन्नक्षेत्र शाम को चालू हुआ। यहां शिविर के भीतर से लेकर सड़क की पटरियों तक प्रसाद के लिए कतारें लगी रहीं।
इसी तरह त्रिवेणी मार्ग पर मेला प्रशासन कार्यालय से पहले ऊं नम: शिवाय के अलावा मोरी मार्ग, दंडी स्वामी नगर व त्रिवेणी मार्ग पर बाबा रामकेवल दास, शारदानंद महाराज के शिविरों में भी अन्न-वस्त्र दान किया गया। संगम नोज पर स्नान के साथ ही तिल, गुड़ व खिचड़ी के दान की होड़ मची रही।